सरकार का दावा: उत्तराधिकारियों से संपर्क कर खुद अपडेट होगी जमाबंदी, लेकिन सिंहवाड़ा अंचल में 16 दिन से राजस्व कर्मचारी के पास अटका आवेदन
दरभंगा, निशांत झा। बिहार सरकार ने मृत रैयतों की जमाबंदी को स्वयं अपडेट करने और उत्तराधिकारियों से संपर्क कर नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कराने का दावा किया है। सरकार का कहना है कि अब लोगों को अंचल कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। हालांकि, दरभंगा के सिंहवाड़ा अंचल से सामने आया एक मामला सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को उजागर कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, उत्तराधिकार नामांतरण (विभाजन) से संबंधित आवेदन संख्या TEMP/4249/2026-2027 18 जून 2026 को ऑनलाइन जमा किया गया था। 21 जून 2026 को आवेदन राजस्व कर्मचारी को अग्रसारित कर दिया गया, लेकिन उसके बाद से आवेदन की स्थिति “राजस्व कर्मचारी के पास लंबित” है।
आवेदक कमलाकांत झा, जो वरिष्ठ नागरिक, बिहार सरकार की मैथिली अकादमी के पूर्व अध्यक्ष तथा भाजपा के सक्रिय सदस्य हैं, ने बताया कि आवेदन के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कई दिनों से मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि मामले से संबंधित जानकारी विभागीय मंत्री को व्हाट्सएप के माध्यम से भी भेजी गई, लेकिन अब तक न तो कोई जवाब मिला और न ही आवेदन के निष्पादन की दिशा में कोई कार्रवाई हुई।
कमलाकांत झा का कहना है कि जब एक वरिष्ठ नागरिक, मैथिली अकादमी के पूर्व अध्यक्ष और सत्तारूढ़ दल के सक्रिय सदस्य का आवेदन ही लंबे समय तक लंबित रह सकता है, तो आम लोगों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि राजस्व महाअभियान के तहत लंबित उत्तराधिकार नामांतरण मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि सरकार की घोषणा का लाभ वास्तव में आम लोगों तक पहुंच सके।

