उत्तर प्रदेश

जिन्हें शरिया के हिसाब से चलना था, वो सभी 1947 में पाकिस्तान चले गए : संजय निषाद

डेस्क:लखनऊ । राम मंदिर में चंदा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। इस पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामले की जांच चल रही है। सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जब प्रदेश के मुखिया ने ही पूरे मामले की जांच की कमान संभाल ली है, तो दिक्कत की कोई बात नहीं है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बुधवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि जब तक एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती है, तब तक किसी भी प्रकार का सवाल उठाना गलत है। एक बात साफ है कि मामले की जांच में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। किसी भी सिस्टम में सब लोग गलत नहीं होते हैं। सभी लोगों की ईमानदारी और निष्ठा पर सवाल उठाना गलत है। मैं तो यही कहूंगा कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में नहीं हो। हमें इन बातों का ध्यान रखना होगा। किसी भी धार्मिक स्थल पर जब कोई दान चढ़ाया जाता है, तो उसकी देखभाल अच्छे से होनी चाहिए, क्योंकि यह जनता का पैसा है। उन्होंने सीएम मोहन यादव पर जमीन घोटाले को लेकर लगे आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, आरोप लगाना आसान है। लेकिन, उसे साबित करना कठिन है। पिछड़ी जाति में जन्म लेना ही अभिशाप है। कांग्रेस में जब दिग्गी राजा थे, तब तो किसी भी प्रकार के आरोप नहीं लगाए जाते थे। कांग्रेस का दोहरा चरित्र खत्म हो जाना चाहिए। अखिलेश यादव खुद एक यादव हैं, तो जाहिर सी बात है कि वो यादव का पक्ष लेंगे। किसी को भी अपने धन से संपत्ति खरीदने का हक है। लेकिन, अगर कोई सरकारी फंड का इस्तेमाल करते हुए अपने लिए संपत्ति खरीदता है, तो जाहिर-सी बात है कि उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
इसके अलावा, उन्होंने मौलाना अरशद मदनी के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि जिहाद करना हर मुसलमान का अधिकार है। निषाद ने कहा कि हमें यह समझना होगा कि भारत संविधान से चलता है। जिसे शरिया के हिसाब से चलना था, वो तो 1947 में (पाकिस्तान) चले गए। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट बताती है कि मुस्लिम समुदाय की दशा एससी और एसटी से खराब है। ऐसे में इन 70 सालों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कांग्रेस और सपा का समर्थन करके क्या कुछ हासिल किया। हमें चाहिए कि हम इस दिशा में काम करें कि मुस्लिम समुदाय के लोग भी डॉक्टर और इंजीनियर बने। कई जालीदार टोपी वाले लोग अपने बच्चों को विदेश में पढ़ाएंगे, लेकिन यहां रहने वाले मुस्लिमों को धर्म का पाठ पढ़ाएंगे।
उन्होंने अखिलेश यादव के उस बयान को लेकर भी अपनी बात रखी, जिसमें उन्होंने कहा था कि लखनऊ हादसे में सरकार की ओर से झूठे आंसू बहाए जा रहे हैं। सरकार ने अब तक किसी भी प्रकार का काम नहीं किया है। अगर किया होता, तो आज इस तरह की स्थिति पैदा नहीं होती।
मंत्री संजय निषाद ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बहुत ही दुखद घटना है। इस पर हम शोक व्यक्त करते हैं। हमारी सरकार पीड़ितों के साथ है। मृतकों के नाम पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए और जिनकी बात आप कर रहे हैं, उन्हीं सरकार के दौरान इसे ध्वस्त करने का आदेश दिया गया था। लेकिन, बाद में इस आदेश को वापस ले लिया गया। इसके बाद क्लीन चिट दे दिया गया। किसी भी सरकार के ऑर्डर पर सवाल नहीं उठाना चाहिए। आज के दिन में सवाल यह है कि इस तरह की घटनाएं न हों।

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