उत्तर प्रदेश

श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पदाधिकारियों को इस्तीफा देना चाहिए, नए सिरे से हो गठन : आचार्य प्रमोद कृष्णम

डेस्क:गाजियाबाद । अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के दान मामले में एसआईटी की रिपोर्ट पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि जब तक जांच चल रही है, नैतिकता दिखाते हुए ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों को इस्तीफा देना चाहिए और नए सिरे से ट्रस्ट का गठन होना चाहिए। राम मंदिर से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है और चंदा चोरी जैसे आरोपों से लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों पर सवाल उठाए गए हैं और उनके खिलाफ गंभीर चिंताएं जाहिर की गई हैं। श्री राम जन्मभूमि मंदिर हमारे लिए आस्था का केंद्र है। इस मामले ने करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। जब तक न्याय नहीं हो जाता, तब तक श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों को अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। न्याय तो जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी यह है कि न्याय होता हुआ दिखे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मेरी अपील है कि ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों का इस्तीफा स्वीकार किया जाए और ट्रस्ट का गठन नए सिरे से किया जाए।
बिहार के भरत तिवारी मामले पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि सब जानते हैं कि ये फर्जी एनकाउंटर है। पहले व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाता है, बांधा जाता है और फिर गोली मार दी जाती है। बिना कानूनी प्रक्रिया के हत्याओं को किसी भी हाल में इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। ये हत्याएं हैं, मर्डर हो रहे हैं। सभी एनकाउंटर फर्जी होते हैं। अगर कोई असली एनकाउंटर होता है, तो उसकी तारीफ होनी चाहिए। अगर कोई समाज के हित में आवाज उठाता है और फिर उसे निशाना बनाकर मार दिया जाता है, तो यह घोर अपराध है। भरत तिवारी का एनकाउंटर फर्जी है। दुर्भाग्यपूर्ण रूप से यह एक ट्रेंड बन गया है, ब्राह्मण युवाओं को निशाना बनाना, उन्हें उठाना और गोली मार देना। इसके बाद हम शोर मचाएंगे, प्रदर्शन करेंगे, लेकिन इस पर गंभीर और व्यापक चिंतन की जरूरत है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने लखनऊ हादसा को लेकर भी दुख जताया और कहा कि यह व्यवस्था की विफलता है। उन्होंने शहरों के विकास के नाम पर हो रहे विनाश पर चिंता व्यक्त की और कहा कि घटना होने के बाद रोना-धोना पर्याप्त नहीं है, घटनाएं रोकने के लिए पहले से विस्तृत योजना बनानी चाहिए।

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