बिहार

सीवान: मैरवा ने रचा इतिहास, बना बिहार का पहला टीबी मुक्त प्रखंड

सीवान: टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सीवान जिले ने एक बार फिर अपनी शानदार उपलब्धि से पूरे बिहार में पहचान बनाई है। वर्ष 2025-26 में जिले की 76 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है, जिसके आधार पर सीवान को राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।

वहीं मैरवा प्रखंड ने इतिहास रचते हुए अपनी सभी आठ पंचायतों को टीबी मुक्त बनाकर बिहार का पहला 100 प्रतिशत टीबी मुक्त प्रखंड बनने का गौरव हासिल किया है ।

 

स्वास्थ्य विभाग के मूल्यांकन के अनुसार जिले की 24 पंचायतों को ताम्र (ब्रॉन्ज), 43 पंचायतों को सिल्वर और 9 पंचायतों को गोल्ड श्रेणी के लिए चयनित किया गया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद, जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार और डीपीएम विशाल कुमार सिंह को पटना में 10 जून को आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सम्मानित किया जाएगा. कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल की उपस्थिति प्रस्तावित है।

 

लगातार तीसरे वर्ष मिला राज्य स्तरीय सम्मान

 

टीबी-डीपीसी दीपक कुमार ने बताया कि टीबी मुक्त पंचायत अभियान में सीवान लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है.वर्ष 2023-24 में जिले की 11 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था, जिसके लिए सीवान को बिहार में पहला स्थान मिला था। इसके बाद वर्ष 2024-25 में 93 पंचायतों ने टीबी मुक्त पंचायत का दर्जा हासिल कर जिले को फिर राज्य में शीर्ष स्थान दिलाया.अब वर्ष 2025-26 में 76 पंचायतों के टीबी मुक्त होने के साथ सीवान ने राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त कर अपनी निरंतर सफलता को बरकरार रखा है।

 

मैरवा ने रचा इतिहास, बना बिहार का पहला टीबी मुक्त प्रखंड

 

अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि मैरवा प्रखंड की रही, जहां सभी आठ पंचायतों ने टीबी मुक्त पंचायत के मानकों को पूरा किया। इसके साथ ही मैरवा बिहार का पहला 100 प्रतिशत टीबी मुक्त प्रखंड बन गया है. मैरवा की दो पंचायतों को ब्रॉन्ज और छह पंचायतों को सिल्वर मेडल प्रदान किया जाएगा।

 

कई अधिकारियों को मिलेगा सम्मान

 

मैरवा की ऐतिहासिक सफलता में स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अहम भूमिका रही है. राज्य स्तर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रवि प्रकाश, बीपीआरओ पूनम कुमारी, एसटीएस एवं एसटीएलएस शंकर पासवान तथा लैब टेक्निशियन प्रमोद कुमार मांझी को सम्मानित किया जाएगा।

 

सिविल सर्जन श्रीनिवास प्रसाद ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान में सीवान की यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग, जनप्रतिनिधियों, निक्षय मित्रों, आशा कार्यकर्ताओं और आम जनता के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। जिले में टीबी मरीजों की समय पर पहचान, नियमित उपचार और व्यापक जागरूकता अभियान चलाए गए, जिससे सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं.हमारा लक्ष्य सिर्फ पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कराना नहीं, बल्कि जिले को पूरी तरह टीबी मुक्त बनाना है। मैरवा प्रखंड की उपलब्धि पूरे बिहार के लिए एक मॉडल है और अन्य प्रखंडों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।

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