राष्ट्रीय

केंद्र ने COEMPT को कॉन्ट्रैक्ट देने पर बोर्ड से मांगी रिपोर्ट, जांच के घेरे में ‘ब्लैकलिस्ट’ क्लॉज का हटना

डेस्क:सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर खड़ा हुआ विवाद अब देश के शिक्षा मंत्रालय तक पहुँच गया है। शिक्षा मंत्रालय ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए CBSE से सर्विस प्रोवाइडर कंपनी COEMPT को कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने के संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय ने बोर्ड से पूरी टेंडर प्रक्रिया का लेखा-जोखा मांगा है। इसमें पूछा गया है कि कॉन्ट्रैक्ट देते समय किन प्रक्रियाओं का पालन किया गया और इस निर्णय प्रक्रिया में कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे। मंत्रालय पहले ही टेंडर से जुड़े कुछ शुरुआती दस्तावेज जुटा चुका है। इस समीक्षा का उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि सर्विस प्रोवाइडर के चयन के दौरान सभी निर्धारित मानदंडों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। अधिकारियों से टेंडर प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत रिकॉर्ड और दस्तावेज जमा करने की उम्मीद है।

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