अन्य

हिमाचल निकाय चुनाव में बीजेपी की बड़ी बढ़त, तीन नगर निगमों में लहर, कांग्रेस को पालमपुर से राहत

शिमला: हिमाचल प्रदेश के नगर निगम और पंचायत निकाय चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नया संदेश दे दिया है। चार नगर निगमों में हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगम पर कब्जा जमा लिया, जबकि कांग्रेस सिर्फ पालमपुर नगर निगम बचाने में कामयाब रही। इसके साथ ही जिला परिषद और बीडीसी चुनावों के नतीजे भी तेजी से सामने आने लगे हैं, जहां कई इलाकों में भाजपा समर्थित उम्मीदवार बढ़त बनाते दिख रहे हैं।

राज्य के सबसे चर्चित मंडी नगर निगम में भाजपा ने 14 में से 12 सीटों पर जीत दर्ज कर कांग्रेस को लगभग पूरी तरह साफ कर दिया। कांग्रेस यहां केवल एक सीट जीत सकी। धर्मशाला में भी भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला और पार्टी ने 11 सीटों पर कब्जा जमाया। सोलन नगर निगम में भाजपा ने 17 में से 10 सीटें जीतकर निगम की सत्ता अपने नाम कर ली। कांग्रेस यहां छह सीटों पर सिमट गई, जबकि एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई।

हालांकि पालमपुर नगर निगम में कांग्रेस ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी। यहां कांग्रेस ने 15 में से 11 सीटों पर जीत दर्ज कर भाजपा को पीछे छोड़ दिया। भाजपा को पालमपुर में केवल चार सीटों से संतोष करना पड़ा। पालमपुर के नतीजों को कांग्रेस के लिए राहत की खबर माना जा रहा है, क्योंकि बाकी नगर निगमों में पार्टी को बड़ा झटका लगा है।

निकाय चुनाव के साथ-साथ जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों के परिणाम भी लगातार आ रहे हैं। सोलन जिले के नालागढ़ से बगलैहड जिला परिषद वार्ड में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार योगेश्वर सिंह राणा ने जीत दर्ज की। वहीं लाहौल-स्पीति के लोसर वार्ड से भाजपा समर्थित प्रत्याशी थूगतन डोलमा विजयी रहीं। भरमौर और पांगी ब्लॉक समिति में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का दबदबा देखने को मिला।

धर्मशाला नगर निगम में जीत के बाद भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने जनता का आभार जताते हुए इसे विकास और सुशासन की राजनीति की जीत बताया। उन्होंने कहा कि धर्मशाला को स्वच्छ, आधुनिक और विकासशील शहर बनाने के लिए भाजपा पूरी निष्ठा से काम करेगी।

उधर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने चुनाव परिणामों को कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनादेश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने चेयरमैन और वाइस चेयरमैन चुनाव के नियमों में बदलाव कर खरीद-फरोख्त का रास्ता खोलने की कोशिश की है। बिंदल ने दावा किया कि पंचायत चुनावों में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने बड़ी जीत हासिल की है और प्रदेश में परिवर्तन की लहर शुरू हो चुकी है।

इन चुनावों में कई दिलचस्प नतीजे भी सामने आए। सिरमौर और धर्मशाला में दो पत्रकारों ने पहली बार चुनाव लड़कर जीत दर्ज की। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र सराज में भाजपा की वरिष्ठ महिला नेता खीम दासी को हार का सामना करना पड़ा। कभी हजारों वोटों से जीतने वाली खीम दासी इस बार अपनी पंचायत में ही जनता का भरोसा नहीं जीत सकीं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निकाय चुनावों के ये नतीजे आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले प्रदेश की राजनीति का संकेत दे सकते हैं। भाजपा जहां इन परिणामों से उत्साहित नजर आ रही है, वहीं कांग्रेस के सामने संगठन और जनाधार दोनों को मजबूत करने की चुनौती बढ़ गई है।

आशुतोष झा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *