अंतरराष्ट्रीय

नेतन्याहू का बयान केवल तारीफ नहीं, बल्कि विश्व को एक बड़ा राजनीतिक संदेश!

डेस्क:  ईरान के साथ बढ़ते तनाव और गाजा युद्ध के बीच इजराइल एक बार फिर वैश्विक दबाव और आलोचना का सामना कर रहा है। ऐसे माहौल में इजराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu का भारत और भारतीयों को लेकर दिया गया बयान काफी चर्चा में है।

नेतन्याहू ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में इजराइल के खिलाफ माहौल है, लेकिन भारत अलग खड़ा नजर आता है। उन्होंने भारत को खास दोस्त और भरोसेमंद साझेदार बताया। सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या है, जिसकी वजह से इजराइल भारत को इतना अहम मानता है? आइए आसान भाषा में समझते हैं इसके पीछे के बड़े कारण।

मुश्किल समय में भारत ने नहीं बनाई दूरी

गाजा युद्ध और ईरान तनाव के दौरान कई देशों ने इजराइल की खुलकर आलोचना की। लेकिन भारत ने संतुलित रुख अपनाया। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त बयान दिए, साथ ही आम लोगों की सुरक्षा और मानवीय मदद की बात भी की। इजराइल को लगता है कि भारत ऐसा देश है जो दबाव में आकर रिश्ते नहीं बदलता। यही वजह है कि नेतन्याहू बार-बार भारत को भरोसेमंद साथी बता रहे हैं। उनके लिए यह समर्थन सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से भी बहुत अहम है।

मोदी और नेतन्याहू की मजबूत बॉन्डिंग

प्रधानमंत्री Narendra Modi और नेतन्याहू के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में काफी मजबूत हुए हैं। दोनों नेताओं की कई मुलाकातें और साझा कार्यक्रम चर्चा में रहे हैं। भारत और इजराइल ने अपने संबंधों को “स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” तक पहुंचा दिया है। नेतन्याहू जानते हैं कि भारत में मोदी की लोकप्रियता बहुत ज्यादा है। ऐसे में भारत की तारीफ करना दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत संदेश देने जैसा माना जा रहा है। यह व्यक्तिगत केमिस्ट्री भी रिश्तों को नई दिशा दे रही है।

रक्षा और टेक्नोलॉजी में गहरी साझेदारी

भारत और इजराइल आज रक्षा और टेक्नोलॉजी के बड़े पार्टनर बन चुके हैं। मिसाइल सिस्टम, ड्रोन, साइबर सिक्योरिटी और AI जैसे क्षेत्रों में दोनों देश तेजी से साथ काम कर रहे हैं। भारत इजराइल के लिए बड़ा बाजार है, जबकि इजराइल भारत को एशिया में मजबूत रणनीतिक सहयोगी मानता है। मौजूदा तनाव के बीच इजराइल चाहता है कि भारत उसके साथ मजबूती से जुड़ा रहे। यही कारण है कि नेतन्याहू भारत की अहमियत को खुलकर दुनिया के सामने दिखा रहे हैं।

भारतीय जनता में इजराइल की सकारात्मक छवि

पिछले कुछ वर्षों में भारत में इजराइल को लेकर सकारात्मक सोच काफी बढ़ी है। खासकर सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दों पर कई लोग इजराइल की नीति को मजबूत मानते हैं। सोशल मीडिया पर भी इजराइल के समर्थन में बड़ी संख्या में पोस्ट देखने को मिलती हैं। नेतन्याहू ने इसी बात का जिक्र करते हुए कहा कि उनके सबसे ज्यादा फॉलोअर्स भारत से हैं। इससे साफ है कि इजराइल सिर्फ भारतीय सरकार ही नहीं, बल्कि भारत की जनता को भी अपने बड़े समर्थक के रूप में देखता है।

दुनिया को बड़ा राजनीतिक संदेश

नेतन्याहू का बयान केवल तारीफ नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। वह दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि इजराइल पूरी तरह अकेला नहीं है और भारत जैसी बड़ी ताकत उसके साथ मजबूत रिश्ते रखती है। इससे इजराइल को कूटनीतिक फायदा मिलता है। वहीं भारत भी पश्चिम एशिया में अपनी बैलेंसिंग नीति के जरिए अलग पहचान बना रहा है। अमेरिका, इजराइल, खाड़ी देशों और ईरान के साथ संतुलन बनाकर चलना भारत की बड़ी ताकत माना जा रहा है।

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