डेस्क: देशभर में मॉनसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए मौसम विभाग ने चिंता बढ़ाने वाली खबर दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक इस साल जून से सितंबर तक सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। साथ ही जून और जुलाई में कई राज्यों में भीषण गर्मी और हीटवेव लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है।
IMD ने बताया है कि इस बार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान बारिश में करीब 10 फीसदी तक कमी देखी जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अल-नीनो की सक्रिय होती परिस्थितियां मॉनसून को कमजोर कर सकती हैं, जिसका सीधा असर खेती, जलस्तर और तापमान पर पड़ेगा।
कई राज्यों में हीटवेव का खतरा:
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में जून के दौरान सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ सकती है। कई इलाकों में लंबे समय तक हीटवेव चलने की आशंका जताई गई है।
हालांकि राजस्थान और झारखंड में हीटवेव की स्थिति अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि इस साल अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है, जिससे लोगों को उमस और तपिश दोनों का सामना करना पड़ेगा।
मध्य भारत में कम बारिश के संकेत:
IMD के मुताबिक मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ समेत मध्य और प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। वहीं मॉनसून कोर जोन, जहां हर साल अच्छी बारिश होती है, वहां भी इस बार बादल कमजोर पड़ सकते हैं। हालांकि पूर्वोत्तर भारत के लिए राहत की खबर है। मौसम विभाग ने कहा है कि इस क्षेत्र में सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
अल-नीनो ने बढ़ाई चिंता, मौसम विभाग का कहना है कि प्रशांत महासागर में अल-नीनो की स्थितियां धीरे-धीरे विकसित हो रही हैं। अगर यह सिस्टम मजबूत होता है तो इसका असर पूरे मॉनसून सीजन पर पड़ सकता है। अल-नीनो के दौरान समुद्र की सतह गर्म हो जाती है, जिससे भारत में बारिश कमजोर पड़ने लगती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मॉनसून कमजोर रहा तो खेती-किसानी, बिजली मांग और जल संकट जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
आखिर कहां पहुंचा मॉनसून?
फिलहाल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून श्रीलंका और अंडमान-निकोबार तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो-तीन दिनों में मॉनसून लक्षद्वीप और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है।
आमतौर पर केरल में मॉनसून 1 जून तक पहुंचता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी मानी जा रही है। हालांकि जून के आखिर तक पूरे देश में मॉनसून पहुंचने की संभावना जताई गई है।
आशुतोष झा

