ज्ञान सेवा भारती संस्थान ने की महत्वपूर्ण पहल, टाटा ट्रस्ट के सहयोग से संचालित होगा कार्यक्रम
महिलाओं को डिजिटल तकनीक, ऑनलाइन वित्तीय सेवाओं तथा आधुनिक बैंकिंग प्रणाली की जानकारी देकर आत्मनिर्भर एवं जागरूक बनाना है लक्ष्य

दरभंगा : ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल एवं वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ज्ञान सेवा भारती संस्थान द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। संस्थान द्वारा निर्मली प्रखंड के विभिन्न चयनित गांवों में ‘डिजिटल फाइनेंशियल लिटरेसी फॉर विमेन सेंटर’ की स्थापना की जा रही है। यह कार्यक्रम टाटा ट्रस्ट के सहयोग से संचालित होगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को डिजिटल तकनीक, ऑनलाइन वित्तीय सेवाओं तथा आधुनिक बैंकिंग प्रणाली की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं जागरूक बनाना है।

इसी क्रम में आज हरिपुर एवं डगमारा गांव में उक्त सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया तथा डिजिटल शिक्षा एवं वित्तीय साक्षरता से संबंधित विभिन्न विषयों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, एटीएम उपयोग, ऑनलाइन लेन-देन, डिजिटल सुरक्षा, साइबर फ्रॉड से बचाव, सरकारी डिजिटल सेवाओं एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण प्रक्रिया को समझा तथा बताया कि इस प्रकार का सेंटर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। कई महिलाओं ने कहा कि डिजिटल जानकारी के अभाव में उन्हें बैंकिंग एवं सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब वे स्वयं डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर सकेंगी।
संस्थान के सचिव सुशील कुमार झा ने कमलपुर के मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में फीता काटकर सेंटर का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल क्रांति का दौर है और महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सेंटर महिलाओं को केवल तकनीकी जानकारी ही नहीं देगा, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने की दिशा में भी प्रेरित करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने का उद्देश्य उन्हें आत्मविश्वासी बनाना है ताकि वे बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान, सरकारी दस्तावेज, डिजिटल पहचान एवं अन्य सेवाओं का लाभ आसानी से उठा सकें। संस्थान आने वाले समय में निर्मली प्रखंड के अन्य चयनित गांवों में भी ऐसे सेंटर स्थापित करेगा, जिससे अधिक से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल साक्षरता आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। महिलाओं को तकनीक से जोड़कर उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने संस्थान एवं टाटा ट्रस्ट के इस प्रयास को समाज हित में एक सराहनीय कदम बताया।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, स्वयंसेवी कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समापन महिलाओं को डिजिटल रूप से जागरूक बनने एवं अन्य महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित करने के संदेश के साथ हुआ।

