डेस्क:तमिलनाडु की सियासत में आज एक और बड़ा घटनाक्रम होने जा रहा है। गुरुवार को हुए बड़े फेरबदल के ठीक अगले ही दिन, यानी शुक्रवार (22 मई) को मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की कैबिनेट का एक और विस्तार होने की पूरी उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, इस विस्तार के जरिए सरकार के दो प्रमुख गठबंधन सहयोगी—विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML)- औपचारिक रूप से सरकार का हिस्सा बनने जा रहे हैं। शुरुआती दौर में बाहर से समर्थन देने का एलान करने वाली ये दोनों पार्टियां अब सीधे सत्ता में भागीदारी करने जा रही हैं। दरअसल, गुरुवार को हुए कैबिनेट फेरबदल से पहले ही मुख्यमंत्री विजय ने VCK और IUML दोनों से सरकार में शामिल होने की अपील की थी। लेकिन मंत्री पदों के लिए उपयुक्त विधायकों के नामों को अंतिम रूप देने में इन दलों की तरफ से देरी हो गई। इसी वजह से गुरुवार को केवल 23 विधायकों ने ही शपथ ली, जिसमें कांग्रेस के 2 और तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) के 21 विधायक शामिल थे। गौरतलब है कि तमिलनाडु में कुल 35 मंत्री हो सकते हैं। मुख्यमंत्री के साथ पहले ही नौ विधायकों के शपथ लेने के बाद, केवल दो मंत्री पद खाली रह गए हैं। इन दो खाली पदों को 22 मई को VCK के वन्नी अरसु और IUML के शाहजहाँ द्वारा भरे जाने की संभावना है।
वामपंथी पार्टियों ने CM विजय पर AIADMK के बागी विधायकों को बाहर रखने का दबाव डाला
सूत्रों का कहना है कि TVK सरकार का समर्थन करने वाली वामपंथी पार्टियों और अन्य छोटे सहयोगियों ने विश्वास मत के दौरान CM विजय पर दबाव बनाया। इसके चलते उन्होंने AIADMK के उन 25 बागी विधायकों को दूर रखा, जिन्होंने सरकार के पक्ष में क्रॉस-वोट किया था। बताया जाता है कि ये बागी विधायक AIADMK के वरिष्ठ नेताओं CV षणमुगम, SP वेलुमणि और विजय भास्कर के समर्थन से अलग हुए थे। व्यापक रूप से यह माना जा रहा था कि उनका असली मकसद नई सरकार में मंत्री पद हासिल करना था।

