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बिहार सरकार के 6 महीने के कार्यकाल पूरे होने पर प्रशांत किशोर का तंज,बोले नेताओं का चेहरा बदला समस्याएं नहीं बदली, बिहार चुनाव में जो मुख्यमंत्री का चेहरा थे, वे खुद पलायन कर गए, खबर यह नहीं है नीट पेपर लीक हुआ है, बल्कि खबर तब बनेगी जब कोई परीक्षा बिना पेपर लीक के हो जाए। नीट परीक्षा के बाद बिहार में दो और परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। जो चोरी करने वाले लोग हैं जनता ने उन्हीं के हाथ में तिजोरी की चाबी सौंपी है

दरभंगा। जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर बुधवार को दरभंगा पहुंचे। बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत बिहार के तमाम जिलों का दौरा कर रहे हैं। वे हर जिले में जाकर संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इसी क्रम में वे आज दूसरी बार दरभंगा पहुंचे लहेरियासराय स्थित पोलो ग्राउंड (नेहरू स्टेडियम) में जिले की सभी सांगठनिक इकाइयों के साथ बैठक किया। बिहार की नव निर्वाचित सरकार के कार्यकाल के 6 महीने पूरे होने के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कल उन्होंने अपना आवास छोड़कर पटना के बिहटा में बने जन सुराज के नव निर्माण आश्रम में शिफ्ट कर लिया है। जब तक बिहार में बदलाव नहीं हो जाता, तब तक वे वहीं रहेंगे और वहीं से जन सुराज के कार्यक्रमों का संचालन होगा। जहां तक सरकार की बात है, तो अभी सिर्फ नेताओं का चेहरा बदला है, लेकिन बिहार की समस्याएं वहीं की वहीं बनी हुई हैं। बिहार चुनाव में जो मुख्यमंत्री का चेहरा थे, वे खुद पलायन कर गए, लेकिन पलायन की समस्या में कोई बदलाव नहीं आया। चुनाव के दौरान सरकार द्वारा किए गए वादों का जिक्र करते हुए पीके ने कहा एक करोड़ नौकरी देने की बात कही गई थी, लेकिन 6 महीने बीत जाने के बाद भी उसमें कोई बदलाव नहीं आया। यहां के युवाओं और छात्रों पर लाठी चलाने की जो परिपाटी रही है, वह भी नहीं बदली। BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों को बुलाकर जिस तरह लाठीचार्ज किया गया, वह भी चिंताजनक है। बिहार से भ्रष्टाचार भी कम नहीं हुआ है और शिक्षा की स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है।नेताओं ने अपने बच्चों के भविष्य की चिंता पहले से कर रखी है: पीके

वहीं, परिवारवाद के मुद्दे पर तंज कसते हुए पीके ने कहा जन सुराज हमेशा से यह बात कहता रहा है नेताओं ने अपने बच्चों के भविष्य की चिंता पहले से कर रखी है। नेता का बेटा चाहे पढ़ा-लिखा हो या अनपढ़,वही आगे बढ़ेगा, बिहार के पढ़े-लिखे युवा संघर्ष करने के बावजूद बेरोजगार और मजदूर बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों ने अपने बच्चों की चिंता करने की बजाय लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी का चेहरा देखकर वोट दिया, इसलिए उनके परिवार आगे बढ़ रहे हैं, जबकि आम लोगों के बच्चे बेरोजगार हैं। पीके ने कहा बिहार के नए मुख्यमंत्री की पहली प्राथमिकता बिहार नहीं, बल्कि गुजरात है। उन्होंने कहा अडानी आंखों का अस्पताल खोलने जा रहे हैं, लेकिन सरकार यह नहीं बता रही, पिरपैंती में बिजली घोटाला हो रहा है। आंखों के अस्पताल का आश्वासन देकर लोगों की आंखों में धूल झोंकी जा रही है। बिहार के लोगों का 30-35 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, लेकिन उसकी चर्चा नहीं हो रही। नीट पेपर लीक के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा खबर यह नहीं है नीट पेपर लीक हुआ है, बल्कि खबर तब बनेगी जब कोई परीक्षा बिना पेपर लीक के हो जाए। नीट परीक्षा के बाद बिहार में दो और परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। जो चोरी करने वाले लोग हैं जनता ने उन्हीं के हाथ में तिजोरी की चाबी सौंपी है। पी के ने आगे कहा बिहार में पेपर लीक और भ्रष्टाचार तब तक नहीं रुकेगा, जब तक लोग शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर वोट नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि लोग 10 हजार रुपये में वोट बेच देते हैं और बाद में पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये अधिक चुकाते है। बिहार देश का सबसे पिछड़ा राज्य है, लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री का बंगला पूरे देश में सबसे बड़ा है। वह पहले से ही बड़ा था और अब उसमें एक और बंगला जोड़ दिया गया है। एक तरफ राज्य के करोड़ों युवा रोजगार के लिए दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में छोटे-छोटे कमरों में रहने को मजबूर हैं, दूसरी तरफ बिहार का मुख्यमंत्री 25 एकड़ के बंगला भी रहने के लिए कम पड़ रहा है।

मौके पर किशोर कुमार मुन्ना, प्रो रामबली चंद्रवंशी, जितेंद्र मिश्रा , सरवर अली, ललन यादव, रत्नेश्वर ठाकुर (मधुबनी, प्रभारी मिथिलांचल ज़ोन),निर्मल मिश्रा – जिलाध्यक्ष, दरभंगा मुमताज अंसारी – जिला महामंत्री, अनूप मैथिल व अन्य मौजूद थे।

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