अंतरराष्ट्रीय

ईरान ने अमेरिका को फिर भेजा परमाणु समझौता प्रस्ताव, इसमें नया क्या है?

डेस्क: ईरान ने परमाणु समझौते (Nuclear Agreements) के लिए अमेरिका को 14 प्वॉइंट्स का एक नया प्रस्ताव भेजा है. यह प्रस्ताव पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के मार्फत भेजा गया है. नकवी पिछले 2 दिनों से ईरान में थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति मसूद पजेशकियन से मुलाकात की थी. ईरान ने अमेरिका के 5 सूत्रीय प्रस्ताव के बाद इसे भेजा है. इस प्रस्ताव में ईरान ने साफ-साफ कहा है कि वो परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता है.
ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ कोई भी समझौता तब सफल होगा, जब उस पर भरोसा करने का कोई कारण होगा. कतर के प्रधानमंत्री अल थानी की कोशिशों के बाद ईरान ने यह प्रस्ताव अमेरिका को भेजा है. तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक ईरान का कहना है कि अमेरिका भरोसमंद नहीं है. उसे पहले भरोसा बहाल करना होगा. इसके बाद ही बातचीत सफल हो सकती है. अप्रैल में युद्ध रोकने के बाद अमेरिका और ईरान परमाणु समझौते के लिए लगातार बातचीत कर रहा है.

नए जवाबी प्रस्ताव में क्या है?
रिपोर्ट के मुताबिक नए प्रस्ताव में ईरान ने यह साफ-साफ कहा है कि वह न तो परमाणु हथियार वर्तमान में तैयार कर रहा है और न ही आगे करेगा. ईरान का कहना है कि बातचीत के लिए वह हमेशा तैयार है, लेकिन पहले अमेरिका को भरोसेमंद होना होगा. ईरान ने अपने 440 किलो यूरेनियम को लेकर कोई भी टिप्पणी नहीं की है. अमेरिका चाहता है कि उसे यह संवर्धित यूरेनियम मिल जाए, जिससे वह दुनिया को यह दिखा सके कि उसने ईरान में जीत हासिल की है.,
ईरान ने होर्मुज पर मान्यता देने की मांग की है. उसका कहना है कि होर्मुज उसका क्षेत्र है. ऐसे में उसे यहां मान्यता देने की जरूरत है. ईरान का यह प्रस्ताव ऐसे वक्त में आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में धैर्य और समय खत्म होने की बात कही है.
रॉयटर्स ने पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से लिखा है कि यह प्रस्ताव इसलिए अहम है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर से हमले को लेकर विचार करना शुरू कर दिया है. रविवार को ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की.
ईरान और अमेरिका में कहां फंसा है पेच?
1. अमेरिका चाहता है कि ईरान के पास जो 440 किलो यूरेनियम है, उसे वाशिंगटन को दे दिया जाए. ईरान इसके लिए तैयार नहीं है. ईरान का कहना है कि वह अपने यहां ही इसे पतला करेगा.
2. ईरान चाहता है कि दुनियाभर में जो उसके पैसे जब्त हैं, उसका कम से कम 25 प्रतिशत उसे वार्ता के दौरान ही मिल जाए. अमेरिका इसके लिए तैयार नही है. अमेरिका उसे समझौता के बाद पैसा देना चाहता है.
3. ईरान चाहता है कि अमेरिका यह घोषित करे कि होर्मुज पर तेहरान का कंट्रोल है, जिससे ईरान आसानी से यहां पर जहाजों से टोल वसूल सके. अमेरिका इसके लिए तैयार नहीं है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *