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महारानी कल्याणी महाविद्यालय के प्रधानाचार्य, डॉ. मो. रहमतुल्लाह ने साइकिल चलाकर पर्यावरण व ईंधन बचाने का दिया संदेश, प्रधानाचार्य मो रहमतुल्लाह ने शिक्षक, कर्मियों व छात्र-छात्राओं से की अधिक से अधिक साइकिल व पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्रयोग में लाने की अपील

दरभंगा। महारानी कल्याणी महाविद्यालय, लहेरियासराय में राष्ट्रीय सेवा योजना व आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में “साइकिल चलाओ, पर्यावरण-ईंधन बचाओ” कार्यक्रम का आयोजन प्रधानाचार्य डॉ. मो. रहमतुल्लाह की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इस बाबत प्रधानाचार्य डॉ. मो. रहमतुल्लाह ने महाविद्यालय परिसर में अपने अधिकारियों के साथ साइकिल की प्रतीकात्मक यात्रा करते हुए कहा अमेरिका-इजरायल का ईरान से होनेवाले युद्ध के समय से विश्व के कई देश आज पेट्रोल-डीजल के संकट के दौर से गुजर रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचाने, काफिला छोटा करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट ज्यादा से ज्यादा प्रयोग में लाने की अपील की है। प्रधानमंत्री जी के आह्वान से प्रेरित होकर हमने महाविद्यालय परिवार में आज प्रतीकात्मक साइकिल यात्रा कर समाज में साइकिल के प्रति जागरूकता लाने का आह्वान करता हूँ और अपने शिक्षकों, कर्मियों व छात्र-छात्राओं से अपील करता हूँ कि अगर 3-5 किलोमीटर के रेंज में हैं तो साइकिल का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें और अगर इससे ऊपर के रेंज से आते हैं तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें। अभियान से न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के नाम “ईंधन बचाओ” अभियान को मजबूती मिलेगी बल्कि इससे हरित पर्यावरण अभियान को भी बल मिलेगा। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. रंजन कुमार ठाकुर ने कहा कि नीदरलैंड, डेनमार्क, जर्मनी, बेल्जियम, चीन व जापान सहित कई विकसित देशों में साइकिल से आज भी दफ्तर व मार्केट जाते अधिकांश लोग दिख जाते हैं। साथ ही समय व दूरी प्रबंधन करने के लिये साइकिल का रिप्लेसमेंट ई-साइकिल, ई-स्कूटी, ई-बाइक व ई-कार से किया जा रहा है, जिसे समय के साथ अपनाने की जरूरत है। इससे आप शारीरिक रूप से स्वस्थ भी रह सकते हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. रीता कुमारी ने कहा कि वैसे भी दुनिया में ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ते तापमान को देखते हुए सोलर एनर्जी को फ्यूचर एनर्जी में बदलने पर जोर देते हुए कहा सोलर एनर्जी एक ऐसी एनर्जी है जिससे दुनिया का हर देश एनर्जी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकता है और किसी भी देश को किसी भी देश पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। आगे उन्होंने ग्रीन एनवायरमेंट के लिये सोलर वाहन के अनुसंधान की आवश्यकता पर भी दुनिया का ध्यान आकृष्ट कराया। इसके माध्यम से पर्यावरण को रक्षित कर हरित पर्यावरण का संदेश भी दिया जा सकता है। पूरे महाविद्यालय परिवार में एक नया उत्साह आ गया। शिक्षक, कर्मी व छात्र-छात्रा इस पल को अपने कैमरे में कैद करते दिखे। इस मौके पर महाविद्यालय के बर्सर डॉ. सच्चिदा नंद मिश्र, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. रंजन कुमार ठाकुर, राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. रीता कुमारी, परीक्षा नियंत्रक डॉ. आलोक प्रभात, उप-परीक्षा नियंत्रक डॉ. अभय कुमार, खेल पदाधिकारी डॉ. सुरेश चंद्र, भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्कर चौधरी, संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. ममता कुमारी, भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार, पर्यावरण विज्ञान की डॉ. प्रतिची सिंह व इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. रंजीत कुमार सहित सभी विभागों के शिक्षक व कर्मी प्रधान सहायक कन्हाई कुमार चौधरी, सहायक शेखर कुमार चौधरी, सुमन कुमार झा, राकेश कुमार ठाकुर व अविनाश कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।

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