डेस्क: फिल्म इंडस्ट्री (Film Industry) में अक्षय खन्ना (Akshaye Khanna) को हमेशा एक ऐसे अभिनेता के रूप में देखा गया है जो कम बोलते हैं, विवादों से दूर रहते हैं और सिर्फ अपने काम पर ध्यान देते हैं। उनकी यही सादगी और गंभीर व्यक्तित्व उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता है। लेकिन एक बार शूटिंग (Shooting) के दौरान ऐसा वाकया हुआ जिसने उनके शांत स्वभाव को पूरी तरह बदल दिया। एक सह-कलाकार (Co-Actor) के साथ हुए व्यवहार ने उन्हें इतना आहत कर दिया कि वह खुद को रोक नहीं पाए और पूरी यूनिट के सामने जमकर नाराजगी (Anger) जाहिर कर दी।
यह घटना उस समय की है जब एक फिल्म की शूटिंग चल रही थी। शूटिंग यूनिट अलग-अलग होटलों में रुकी हुई थी। उसी दौरान एक कैरेक्टर आर्टिस्ट अक्षय खन्ना से मिलने उनके होटल पहुंचे। बातचीत के बाद उन्हें वहीं लंच के लिए भी बैठा लिया गया। माहौल सामान्य था और सभी लोग आराम से खाना खा रहे थे। लेकिन जैसे ही उस कलाकार ने खाना शुरू किया, तभी प्रोडक्शन टीम से जुड़े कुछ लोगों ने उन्हें रोक दिया।
उन लोगों का कहना था कि क्योंकि वह कलाकार उस होटल में नहीं ठहरे हैं, इसलिए उन्हें वहां का खाना खाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। यह बात सुनते ही वह कलाकार असहज हो गए। उन्होंने बिना कुछ कहे अपनी प्लेट नीचे रख दी और चुपचाप वहां से हटकर एक कोने में जाकर बैठ गए। सेट पर मौजूद कई लोग यह सब देख रहे थे, लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा।
अक्षय खन्ना भी यह पूरा नजारा देख रहे थे। आमतौर पर शांत रहने वाले अक्षय इस घटना से बेहद नाराज हो गए। उन्हें यह बात बिल्कुल पसंद नहीं आई कि एक कलाकार को सिर्फ खाने की वजह से सबके सामने रोका जाए। कुछ ही देर बाद वह गुस्से में उठे और सीधे प्रोड्यूसर व प्रोडक्शन टीम के सामने जाकर खड़े हो गए।
बताया जाता है कि अक्षय ने बेहद सख्त शब्दों में अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि किसी इंसान की इज्जत एक प्लेट खाने से कहीं ज्यादा बड़ी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्में सिर्फ पैसों या खर्च बचाने से सफल नहीं होतीं, बल्कि उन लोगों की दुआओं और सम्मान से बनती हैं जो दिन-रात मेहनत करते हैं।
अक्षय का गुस्सा देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। जो अभिनेता हमेशा शांत और कम बोलने वाले माने जाते हैं, वह उस दिन खुलकर अपनी बात रखते नजर आए। उन्होंने साफ कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में छोटे और बड़े कलाकार के बीच भेदभाव नहीं होना चाहिए और हर व्यक्ति को बराबर सम्मान मिलना चाहिए।
इस घटना के बाद सेट का माहौल पूरी तरह बदल गया। जिस कलाकार को रोका गया था, वह भी भावुक हो गए। वहीं यूनिट के कई लोग अक्षय खन्ना की सोच और उनके व्यवहार की तारीफ करते नजर आए। यह घटना बताती है कि पर्दे पर गंभीर दिखने वाले अक्षय खन्ना असल जिंदगी में भी इंसानियत और सम्मान को सबसे ऊपर रखते हैं।
आज भी यह किस्सा लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसने यह साबित कर दिया कि सच्चा कलाकार वही होता है जो सिर्फ अभिनय ही नहीं, बल्कि सही समय पर सही बात के लिए आवाज उठाने का साहस भी रखता हो।

