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बेंच पर सिमट गए बड़े नाम! करोड़ों की उम्मीदों के बावजूद पूरे IPL 2026 में मौका तरसते रह गए ये भारतीय खिलाड़ी

डेस्क: इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) 2026 का सीजन अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। इस बार टूर्नामेंट में कई युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर सुर्खियां बटोरीं, लेकिन दूसरी तरफ कुछ ऐसे चर्चित भारतीय खिलाड़ी भी रहे जिन्हें पूरे सीजन मैदान पर उतरने का मौका तक नहीं मिल पाया। इन खिलाड़ियों को लेकर फैन्स के बीच काफी उम्मीदें थीं, मगर टीम मैनेजमेंट(team management) ने लगातार उन्हें नजरअंदाज किया। करोड़ों की लीग में लाखों रुपये खर्च कर टीमों ने जिन खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ा, वे ज्यादातर मुकाबलों में सिर्फ डगआउट में बैठे नजर आए। सबसे ज्यादा चर्चा पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) को लेकर रही, जिन्हें कभी भारतीय क्रिकेट (Indian Cricket) का future माना जाता था। विस्फोटक बल्लेबाजी (Explosive Batting) के लिए पहचाने जाने वाले पृथ्वी शॉ को this season एक भी मुकाबला खेलने का मौका नहीं मिला। पिछले कुछ समय से उनका फॉर्म लगातार सवालों के घेरे में रहा है, जिसका असर उनकी IPL यात्रा पर भी साफ दिखाई दिया। एक समय करोड़ों की कीमत पाने वाले पृथ्वी इस बार बेहद कम रकम में टीम का हिस्सा बने, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्लेइंग इलेवन (Playing Eleven) में जगह नहीं मिली। यह स्थिति उनके करियर के लिए चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
अनुभवी तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा का नाम भी उन खिलाड़ियों में शामिल रहा जो पूरे सीजन बेंच पर ही बैठे रहे। युवा गेंदबाजों को लगातार प्राथमिकता मिलने के कारण ईशांत को मौका नहीं दिया गया। लंबे अनुभव और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड होने के बावजूद टीम संयोजन में उनकी जगह नहीं बन सकी। पिछले सीजन में उनका प्रदर्शन भी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा था, जिसके बाद टीम मैनेजमेंट ने नए खिलाड़ियों पर ज्यादा भरोसा दिखाया। इसी तरह युवा ऑलराउंडर मुशीर खान को भी पूरे सीजन इंतजार ही करना पड़ा। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले मुशीर को भविष्य का बड़ा खिलाड़ी माना जा रहा है, लेकिन IPL जैसे बड़े मंच पर उन्हें खुद को साबित करने का अवसर नहीं मिला। टीम ने उन्हें स्क्वॉड में जरूर रखा, मगर प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया।
अर्जुन तेंदुलकर भी इस सीजन काफी चर्चा में रहे, लेकिन मैदान पर उनका इंतजार खत्म नहीं हुआ। पिछले कुछ वर्षों से उन्हें लेकर लगातार चर्चा होती रही है, मगर उन्हें नियमित मौके नहीं मिल सके हैं। इस बार नई टीम में शामिल होने के बाद उम्मीद थी कि अर्जुन को अधिक अवसर मिलेंगे, लेकिन पूरा सीजन गुजरने के बावजूद वह अंतिम एकादश में जगह नहीं बना पाए। इससे साफ दिखाई देता है कि टीम मैनेजमेंट अभी भी उन्हें पूरी तरह तैयार खिलाड़ी के रूप में नहीं देख रहा। दूसरी ओर अनुभवी बल्लेबाज राहुल त्रिपाठी भी इस सीजन अपनी बारी का इंतजार करते रह गए। आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर राहुल पिछले कुछ सीजन से खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। यही वजह रही कि उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया और युवा खिलाड़ियों को अधिक मौके दिए गए।

IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में जहां हर खिलाड़ी खुद को साबित करना चाहता है, वहीं पूरे सीजन बेंच पर बैठे रहना किसी भी क्रिकेटर के आत्मविश्वास पर बड़ा असर डालता है। इन खिलाड़ियों के लिए आने वाला समय बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। अगर घरेलू क्रिकेट और आने वाले मौकों में वे दमदार प्रदर्शन करते हैं, तभी दोबारा टीमों का भरोसा जीत पाएंगे। IPL 2026 ने साफ कर दिया है कि अब सिर्फ नाम नहीं, बल्कि लगातार प्रदर्शन ही खिलाड़ियों की असली पहचान बन चुका है।

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