डेस्क: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) गुरुवार को वेटिकन सिटी (Vatican City) पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात पोप लियो (Pope Leo XIV) से होनी है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वेटिकन और व्हाइट हाउस के रिश्तों में तनाव बढ़ गया है। तनाव की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने पोप लियो और ईरान युद्ध को लेकर तीखी टिप्पणियां कीं। ट्रंप ने पोप की आलोचना करते हुए कहा था कि वे अपराध और आतंकवाद के मामलों में नरम रुख अपनाते हैं।
इसके जवाब में पोप लियो ने अमेरिका की नीतियों और युद्ध को लेकर अप्रत्यक्ष रूप से नाराजगी जताई थी। इटली के कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रुबियो का यह दौरा केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि राजनीतिक भी है। उनका मानना है कि रुबियो अमेरिका में अपनी छवि सुधारने और भविष्य की राजनीति, खासकर 2028 के राष्ट्रपति चुनाव और मिडटर्म चुनावों को ध्यान में रखकर वेटिकन से रिश्ते बेहतर करना चाहते हैं।
वेटिकन लंबे समय से शांति, प्रवासियों के अधिकार और युद्धविरोधी नीति का समर्थन करता रहा है। वहीं ट्रंप प्रशासन की सख्त आव्रजन नीति और ईरान युद्ध को लेकर चर्च के भीतर नाराजगी बढ़ी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह मुलाकात अमेरिका और वेटिकन के बीच बढ़ती दूरी को कम करने की कोशिश है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच वैचारिक मतभेद अभी भी बने हुए हैं।

