अंतरराष्ट्रीय

होर्मुज संकट के बीच भारत का दावाः खाड़ी में सुरक्षित भारतीय नाविक, 48 घंटे में कोई हमला नहीं

डेस्क: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने बड़ी राहत भरी जानकारी दी है। सरकार के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और पिछले 48 घंटों में किसी भी भारतीय ध्वज वाले जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है। पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के शिपिंग निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने बताया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों के साथ समन्वय बनाए रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न केवल भारतीय जहाज सुरक्षित हैं, बल्कि विदेशी जहाजों पर काम कर रहे भारतीय नाविकों के साथ भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है।

सरकार ने अब तक खाड़ी क्षेत्र से 2,999 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी कराई है। इनमें पिछले 48 घंटों में 23 नाविक शामिल हैं। इसके अलावा डीजी शिपिंग के कंट्रोल रूम में हजारों कॉल और ईमेल के जरिए मदद दी जा रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार पूरी तरह सक्रिय है। शिपिंग और व्यापार की स्थिति भी अब सामान्य होती दिख रही है। पहले जहां भारतीय बंदरगाहों पर भीड़भाड़ थी, अब वह काफी कम हो गई है। पोर्ट ऑक्यूपेंसी 80 प्रतिशत से घटकर 60 प्रतिशत रह गई है और कंटेनरों की लंबित संख्या में लगभग 99 प्रतिशत की कमी आई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बावजूद भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से इस मार्ग को पार कर रहे हैं। अब तक 11 जहाज इस रास्ते से निकल चुके हैं, जिनमें 10 भारतीय ध्वज वाले थे। आखिरी जहाज ‘सर्वशक्ति’ 2 मई को इस मार्ग से निकला और 8 मई तक भारत पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा, वैकल्पिक शिपिंग मार्ग भी शुरू किए गए हैं। वैश्विक शिपिंग कंपनियां भारत के बंदरगाहों को ओमान और यूएई के बंदरगाहों से जोड़ रही हैं, जिससे व्यापार प्रभावित नहीं हो रहा। हालांकि, अधिकारियों ने माना कि होर्मुज जलडमरूमध्य का कोई पूरी तरह विकल्प नहीं है, इसलिए वहां की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। कुल मिलाकर, खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बावजूद भारत ने अपने नागरिकों और समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने में मजबूती दिखाई है। फिलहाल व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *