डेस्क: ईरान-इजरायल (Iran-Israel) तनाव और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर बढ़ी वैश्विक चिंता के बीच अमेरिका (America) और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) के सामने एक और बड़ी आर्थिक चुनौती खड़ी हो गई है। यह संकट सैन्य या भू-राजनीतिक नहीं, बल्कि बढ़ता हुआ राष्ट्रीय कर्ज है, जो अब अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ता दिख रहा है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका का कुल सार्वजनिक कर्ज अब देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) से भी अधिक हो गया है। यह स्थिति वर्ल्ड वॉर-II के बाद पहली बार देखने को मिली है। विश्लेषण करने वाली संस्था Committee for a Responsible Federal Budget की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल के अंत तक अमेरिकी कर्ज 31.27 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जबकि इसी अवधि में GDP लगभग 31.22 ट्रिलियन डॉलर रही।
कर्ज का बढ़ता दबाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका का कुल राष्ट्रीय कर्ज 2026 में बढ़कर लगभग 39.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह दूसरी बार है जब कर्ज GDP से अधिक हुआ है। इससे पहले यह स्थिति केवल युद्धकाल और कोविड महामारी के शुरुआती दौर में अस्थायी रूप से देखी गई थी।
कर्ज बढ़ने के प्रमुख कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ते कर्ज के पीछे कई संरचनात्मक कारण हैं। Peter G. Peterson Foundation के अनुसार, इसका बड़ा कारण टैक्स कटौती, सरकारी ब्याज भुगतान में तेज बढ़ोतरी और बुजुर्ग आबादी के लिए सामाजिक योजनाओं पर बढ़ता खर्च है।
मेडिकेयर और सोशल सिक्योरिटी जैसे कार्यक्रमों पर खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे सरकार का वित्तीय दबाव और बढ़ गया है। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका अब रक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर जितना खर्च कर रहा है, उससे ज्यादा पैसा केवल कर्ज के ब्याज भुगतान में जा रहा है।
ब्याज भुगतान बना बड़ा बोझ
अर्थशास्त्री जोनाथन विलियम्स के अनुसार, अमेरिका पर केवल कर्ज के ब्याज का वार्षिक भुगतान ही अब 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो चुका है। यह स्थिति अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर संकेत मानी जा रही है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक दशक में अमेरिका का कर्ज लगभग दोगुना हो गया है। 2017 में यह 20.2 ट्रिलियन डॉलर था, जो अब 39 ट्रिलियन डॉलर से भी ऊपर पहुंच गया है।
आगे और बढ़ सकता है कर्ज
कांग्रेस बजट कार्यालय के अनुमान के अनुसार, अगर मौजूदा आर्थिक नीतियों में बड़े बदलाव नहीं हुए, तो 2036 तक अमेरिका का कर्ज 53 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जो मौजूदा स्तर से करीब 70% अधिक होगा। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि राजस्व और खर्च के बीच बढ़ता अंतर देश की वित्तीय स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है। इसका असर न सिर्फ ब्याज दरों पर पड़ेगा, बल्कि क्रेडिट रेटिंग, निवेश भरोसा और आम नागरिकों की महंगाई पर भी दबाव बढ़ा सकता है।

