राष्ट्रीय

विजय का बहरूपिया, जिसने पलटा चुनाव, स्टालिन को हराने वाले शख्स की कहानी

डेस्क:कई बार उलटफेर इतना जोरदार होता है कि सत्ताधारी पार्टी तो चुनाव हारती ही है। खुद उस पार्टी का मुखिया और सूबे का मुख्यमंत्री भी अपनी सीट नहीं बचा पाता। तमिलनाडु में ऐसा ही हुआ। सत्ताधारी पार्टी डीएमके तो हारती ही दिख रही है। उसके मुखिया और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन खुद अपनी सीट हार गए हैं। स्टालिन अपनी सीट भी नहीं बचा पाए। हराया किसने? उसी पार्टी के नेता ने जो पहली बार चुनाव लड़ रही थी यानी टी वीके। विजय की पार्टी ने कोलाथूर सीट से सीएम स्टालिन के खिलाफ वी एस बाबू को चुनावी मैदान में उतारा था। कोलाथूर विधानसभा क्षेत्र तमिलनाडु के चेन्नई जिले में पड़ता है। एक लिहाज से देखा जाए तो यह सबसे प्रमुख सीट मानी जाएगी क्योंकि खुद मुख्यमंत्री यहां से विधायक थे और यहीं से वीएस बाबू ने एमके स्टालिन को पटकनी दे दी है। कोलाथूर सीट से वीएस बाबू को 82997 वोट मिले थे। जबकि स्टालिन के खाते में है 74202 वोट। यानी स्टालिन 8795 वोटों के अंतर से अपनी सीट हार गए हैं।

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