अंतरराष्ट्रीय

मध्यस्थ बनकर पाक ने कर लिया अपना धंधा सेट, ईरान के माल से कर रहा कमाई

डेस्क: होर्मुज के बाहर अमेरिकी नेवी ने ब्लॉकेड लगा दिया है, साथ ही युद्ध के बाद ईरान के UAE के साथ रिश्ते बेहद खराब हो गए हैं. युद्ध से पहले अपने व्यापार के लिए ईरान UAE की पोर्ट्स का भी इस्तेमाल करता था. अमेरिकी ब्लॉकेड और UAE से खराब रिश्तों ने ईरान के व्यापार को गहरी चोट दी है, लेकिन ईरान ने इनका हल निकालते हुए पाकिस्तान के साथ अपना पुराना समझौता एक्टिव कर दिया है. ईरान और पाकिस्तान के इस समझौते से पाकिस्तान को भी बड़ा फायदा हो रहा है.
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर अपने इलाके और बंदरगाहों के जरिए ईरान में सामान के ट्रांजिट को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही कराची, पोर्ट कासिम और ग्वादर ईरान के व्यापार के लिए अहम लॉजिस्टिक गेटवे बन गए हैं, जबकि दूसरी ओर वाशिंगटन की समुद्री नाकेबंदी ईरान की वैश्विक व्यापार तक पहुंच को रोकने की कोशिश कर रही है. यह कदम एक अहम बदलाव का संकेत है, क्योंकि ईरान लंबे समय से क्षेत्रीय व्यापार तक पहुंच के लिए UAE के बंदरगाहों, खास तौर पर जेबेल अली पर निर्भर रहा था.

इस्लामाबाद के कॉमर्स मंत्रालय ने 25 अप्रैल को पाकिस्तान के इलाके से सामान के ट्रांजिट का आदेश 2026 जारी किया, जिसे तुरंत लागू कर दिया गया है. यह आदेश 2008 में तेहरान के साथ हुए एक द्विपक्षीय सड़क परिवहन समझौते को सक्रिय करता है, जिसका इस्तेमाल पहले कभी नहीं किया गया था. इस आदेश के तहत छह जमीनी रास्ते खोले गए हैं, जो पाकिस्तान के तीन मुख्य बंदरगाहों को बलूचिस्तान के रास्ते ईरान की दो सीमा चौकियों, गब्द और ताफ्तान से जोड़ते हैं. यह ऐलान उसी समय हुआ है, जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद के दौरे पर थे.

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