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जसप्रीत बुमराह हुए श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर, ये है बड़ी वजह

डेस्क: भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं. ऐसी खबर है कि उनके बाएं घुटने में समस्या बरकरार है, जिसके चलते अब उनका श्रीलंका जाना मुश्किल है. इससे पहले श्रीलंका दौरे के लिए टीम इंडिया का जब सेलेक्शन हुआ था तो बुमराह को उसमें चुना गया […]

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मीराबाई से लेकर नीरज चोपड़ा तक…कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का गोल्डन परफॉर्मेंस

डेस्क: स्कॉटलैंड (Scotland) के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (Commonwealth Games 2026) भारत के लिए शानदार रहा. भारतीय एथलीटों ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर मेडल टैली में चौथा स्थान हासिल किया. साल 2026 के इस कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने कुल 39 मेडल अपने नाम किए. इस मेडल टैली में भारत से […]

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की ग्लास्गो में शानदार क्लोजिंग, भारत को मिली 2030 की मेजबानी

डेस्क: स्कॉटलैंड (Scotland) के ग्लास्गो (Glasgow) में 11 दिनों तक चले कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) 2026 का रविवार को समापन हो गया. इसी के साथ अब कॉमनवेल्थ गेम्स के 100 साल पूरे होने वाले शताब्दी संस्करण (2030) की मेजबानी की कमान (hosting rights ) भारत (India) को सौंप दी गई है. साल 2030 के कॉमनवेल्थ […]

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Asmita Dey ने रचा इतिहास! कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की झोली में Judo का पहला Gold, CM Yogi समेत कई नेताओं ने दी बधाई

डेस्क: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक तथा पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की 48 किलोग्राम जूडो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस की उपनिरीक्षक अस्मिता डे को बधाई देते हुए उनकी उपलब्धि को देश और प्रदेश के […]

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कॉमनवेल्थ 2026 : भारत का डबल धमाका! जेवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा को सिल्वर, यशवीर के नाम ब्रॉन्ज

डेस्क: कॉमनवेल्थ 2026 (Commonwealth 2026)  में भारत (India) के लिए एक यादगार शाम रही. स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में कई मेडल्स डाले. मुक्केबाजी, जूडो और एथलेटिक्स- हर मैदान पर भारतीय तिरंगा शान से लहराया. मेन्स जेवनलिन थ्रो (javelin throw) में भारत ने दोहरा इतिहास रचा. […]

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में तेजस्विन शंकर का ऐतिहासिक कारनामा, डेकाथलॉन में भारत को मिला पहला पदक

डेस्क: कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games)2026 में भारत के स्टार एथलीट*(India’s star athlete) तेजस्विन शंकर (Tejaswin Shankar)ने ऐसा इतिहास रचा है, जिसने भारतीय एथलेटिक्स को नई पहचान दिला दी है। पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा में 7976 अंक हासिल कर उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया और राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में इस कठिन स्पर्धा में पदक […]

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फुटबॉल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय हुआ खत्म, फ्रेंको बारेसी के निधन पर दुनिया भर में शोक

डेस्क: विश्व फुटबॉल(world football) के इतिहास (mentioned)में जब भी महान डिफेंडरों का नाम लिया जाएगा तब फ्रेंको बारेसी (Franco Baresi’s)का नाम हमेशा सबसे सम्मान के साथ लिया जाएगा। इटली के पूर्व कप्तान(former Italy captain) और एसी मिलान की पहचान बन चुके फ्रेंको बारेसी का 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की […]

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फुटबॉल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय हुआ खत्म, फ्रेंको बारेसी के निधन पर दुनिया भर में शोक डेस्क: विश्व फुटबॉल(world football) के इतिहास (mentioned)में जब भी महान डिफेंडरों का नाम लिया जाएगा तब फ्रेंको बारेसी (Franco Baresi’s)का नाम हमेशा सबसे सम्मान के साथ लिया जाएगा। इटली के पूर्व कप्तान(former Italy captain) और एसी मिलान की पहचान बन चुके फ्रेंको बारेसी का 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों खिलाड़ियों और खेल विशेषज्ञों में शोक की लहर दौड़ गई। एसी मिलान ने आधिकारिक बयान जारी कर अपने सबसे महान खिलाड़ियों में शामिल बारेसी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और कहा कि क्लब ने सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं बल्कि अपनी आत्मा को खो दिया है। फ्रेंको बारेसी का पूरा करियर समर्पण अनुशासन और वफादारी का प्रतीक रहा। ऐसे दौर में जब खिलाड़ी बेहतर अनुबंध और बड़ी रकम के लिए क्लब बदलते रहते हैं तब बारेसी ने अपने पूरे पेशेवर करियर में केवल एसी मिलान की जर्सी पहनी। उन्होंने 1974 में क्लब की युवा अकादमी से सफर शुरू किया और 1978 में सीनियर टीम में पदार्पण किया। इसके बाद लगभग दो दशकों तक उन्होंने एसी मिलान की रक्षा पंक्ति को मजबूती प्रदान की और क्लब को कई ऐतिहासिक सफलताएं दिलाईं। महज 22 वर्ष की उम्र में उन्हें टीम का कप्तान बना दिया गया था। कप्तान के रूप में उन्होंने अपने नेतृत्व कौशल से पूरी टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। एसी मिलान के लिए उन्होंने 719 मुकाबले खेले जो लंबे समय तक क्लब का रिकॉर्ड रहा। उनके सम्मान में क्लब ने उनकी प्रतिष्ठित नंबर 6 जर्सी को हमेशा के लिए रिटायर कर दिया जो किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है। फ्रेंको बारेसी ने डिफेंडर की भूमिका को नई पहचान दी। उनकी बेहतरीन पोजिशनिंग खेल को पढ़ने की क्षमता और शांत स्वभाव उन्हें दुनिया के बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता था। पाओलो माल्डिनी माउरो टैसोटी और एलेसांद्रो कोस्टाकुर्ता के साथ उन्होंने ऐसी रक्षापंक्ति बनाई जिसे फुटबॉल इतिहास की सबसे मजबूत डिफेंस लाइन में गिना जाता है। उनके शानदार प्रदर्शन की बदौलत एसी मिलान ने छह सीरी ए खिताब और तीन यूरोपीय कप जीतकर यूरोपीय फुटबॉल में अपना दबदबा कायम किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनका योगदान बेहद यादगार रहा। वे 1982 में विश्व कप जीतने वाली इटली की टीम का हिस्सा थे। बाद में उन्होंने राष्ट्रीय टीम की कप्तानी भी संभाली और 1994 फीफा विश्व कप में इटली को फाइनल तक पहुंचाया। हालांकि ब्राजील के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में हार के कारण उनका दूसरा विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया लेकिन उनके प्रदर्शन की आज भी मिसाल दी जाती है। पिछले वर्ष उनके फेफड़े में गांठ मिलने के बाद सर्जरी हुई थी लेकिन इसके बावजूद उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी नहीं बनाई। वे लगातार एसी मिलान के मुकाबलों में दिखाई देते रहे और खेल से जुड़े आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाते रहे। हाल ही में आयोजित विंटर ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में भी उन्होंने मशाल लेकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। फ्रेंको बारेसी सिर्फ एक महान फुटबॉलर नहीं बल्कि अनुशासन समर्पण और खेल भावना की जीवंत मिसाल थे। उन्होंने यह साबित किया कि महान खिलाड़ी केवल ट्रॉफियों से नहीं बल्कि अपने चरित्र और मूल्यों से भी पहचाने जाते हैं। उनका जाना फुटबॉल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है लेकिन उनकी उपलब्धियां और प्रेरणादायक विरासत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेंगी।

डेस्क: विश्व फुटबॉल(world football) के इतिहास (mentioned)में जब भी महान डिफेंडरों का नाम लिया जाएगा तब फ्रेंको बारेसी (Franco Baresi’s)का नाम हमेशा सबसे सम्मान के साथ लिया जाएगा। इटली के पूर्व कप्तान(former Italy captain) और एसी मिलान की पहचान बन चुके फ्रेंको बारेसी का 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की […]

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सीडब्ल्यूजी 2026 में भारत का दमदार पंच, लवलीना सहित 10 मुक्केबाज पहुंचे फाइनल

डेस्क: कॉमनवेल्थ गेम्स(Commonwealth Games) 2026 में भारतीय मुक्केबाजों( Indian boxers)ने शानदार प्रदर्शन(magnificent performance) करते हुए एक बार फिर दुनिया को अपनी ताकत का अहसास करा दिया है। ग्लासगो में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबलों में भारत के दस मुक्केबाजों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। अब पूरा देश इन खिलाड़ियों से स्वर्ण […]

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पाकिस्तान को लगा बड़ा झटका, वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट से बाहर हुए शान मसूद

डेस्क:पाकिस्तान को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले दूसरे टेस्ट मैच से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी बल्लेबाज शान मसूद चोट के चलते दूसरे टेस्ट से बाहर हो गए हैं। शान मसूद को उंगली की चोट की वजह से दूसरे टेस्ट से बाहर होना पड़ा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली […]