खेल

मीराबाई से लेकर नीरज चोपड़ा तक…कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का गोल्डन परफॉर्मेंस

डेस्क: स्कॉटलैंड (Scotland) के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (Commonwealth Games 2026) भारत के लिए शानदार रहा. भारतीय एथलीटों ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर मेडल टैली में चौथा स्थान हासिल किया. साल 2026 के इस कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने कुल 39 मेडल अपने नाम किए. इस मेडल टैली में भारत से आगे केवल ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा ही रहीं. कुश्ती, बैडमिंटन और हॉकी जैसे खेल इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स का हिस्सा नहीं थे. इसके बावजूद बॉक्सिंग, जूडो, एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी धाक जमाई.
भारतीय मुक्केबाजों ने पंचों की ऐसी बौछार की कि विरोधी पस्त हो गए. भारत को बॉक्सिंग से अकेले 7 गोल्ड मेडल मिले. महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रिंग पर कब्जा जमाया. प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मिन लंबोरिया (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) और प्रिया घंघास (60 किग्रा) ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया.

दिग्गज मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) ने भी कड़ा मुकाबला लड़ा और सिल्वर मेडल देश की झोली में डाला. पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच (60 किग्रा) और अंकुश (70 किग्रा) ने दमदार प्रदर्शन कर गोल्ड मेडल जीता. वहीं, जादूमणि सिंह (55 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा) ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया. इस तरह भारत ने मुक्केबाजी में कुल 10 मेडल हासिल किए.
वेटलिफ्टिंग से मिले कुल 8 मेडल
वेटलिफ्टिंग में टोक्यो ओलंपिक की मेडल विनर मीराबाई चानू ने महिला 48 किग्रा वर्ग में अपनी श्रेणी का दबदबा कायम रखते हुए भारत को पहला गोल्ड दिलाया. वेटलिफ्टिंग में ही ऋषिकांत सिंह, राजा मुथुपांडी, ज्ञानेश्वरी यादव, वल्लुरी अजया बाबू, हरजिंदर कौर और लवप्रीत सिंह ने सिल्वर मेडल जबकि बिंदियारानी देवी ने ब्रॉन्ज जीता. वेटलिफ्टिंग टीम ने देश को कुल 8 मेडल दिलाए.
जूडो में धमाकेदार प्रदर्शन
जूडो मैट पर भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता. अस्मिता डे (महिला 48 किग्रा) और हर्ष सिंह (पुरुष 60 किग्रा) ने देश को जूडो में पहला और दूसरा गोल्ड दिलाया. इसके अलावा यामिनी मौर्य ने रजत और उन्नति शर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर जूडो में भारत का कुल मेडलों का आंकड़ा 4 तक पहुंचाया.
नीरज चोपड़ा और गुलवीर सिंह का जलवा
स्टार भालाफेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया. जबकि इसी स्पर्धा में यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल जीता. लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में दो मेडल जीतकर नया इतिहास रच दिया. उन्होंने 10,000 मीटर में सिल्वर और 5000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया. ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रावेल ने सिल्वर और सेल्वा प्रभु ने ब्रॉन्ज मेडल जीता. मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद) और सरवेश कुशारे (हाई जंप) ने भी सिल्वर मेडल अपने नाम किए.
पैरा एथलीटों का ऐसा रहा प्रदर्शन
पैरा एथलेटिक्स स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन गजब का रहा. सोमन राणा (पुरुष शॉटपुट F57), शर्मिला धनखड़ (महिला शॉटपुट F57) और दिलीप महादू गावित (पुरुष 100 मीटर T47) ने देश के लिए तीन गोल्ड मेडल जीते. इसी स्पर्धा में शुभम जुयाल और मोहम्मद बासिल ने सिल्वर मेडल जीते. पैरा पावरलिफ्टिंग में झंडू कुमार ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया.
अंतिम दिन का ऐसा रहा हाल
प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारतीय खिलाड़ियों की किस्मत ने थोड़ा कम साथ दिया. जूडो में इशरूप नारंग, अवतार सिंह और यश घंघास पदक की दौड़ से बाहर हो गए, जबकि ट्रैक साइकिलिंग में हर्षवीर सिंह और दिनेश कुमार फाइनल में जगह बनाने से चूक गए. इसके बावजूद कुल 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारत का ग्लास्गो अभियान बेहद सफल और यादगार रहा.

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