अंतरराष्ट्रीय

‘मौत का आभास’ देने वाली बिल्ली: अमेरिका के नर्सिंग होम में ऑस्कर ने डॉक्टरों को भी चौंकाया

डेस्क: क्या कोई जानवर इंसानों की मौत का पहले से अंदाज़ा लगा सकता है? अमेरिका के रोड आइलैंड (US island) स्थित एक नर्सिंग होम से जुड़ी एक बिल्ली ने इस सवाल को लेकर दुनियाभर में चर्चा छेड़ दी है। इस बिल्ली का नाम ऑस्कर (cat oscar) है, जिसके बारे में दावा किया जाता है कि वह उन मरीजों के पास जाकर बैठ जाती है जिनकी मौत करीब होती है।
100 से ज्यादा मामलों में ‘सटीक संकेत’
ऑस्कर स्टियर हाउस नर्सिंग एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर की डिमेंशिया यूनिट में पला-बढ़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने अब तक 100 से अधिक मरीजों के अंतिम समय का संकेत दिया है। खास बात यह है कि वह सामान्य तौर पर इधर-उधर घूमता रहता है, लेकिन जब किसी मरीज की हालत बेहद गंभीर होती है, तो वह उसी के बिस्तर के पास जाकर चुपचाप बैठ जाता है और वहीं टिके रहता है।

ब्राउन यूनिवर्सिटी के जेरियाट्रिशियन डॉ. डेविड डोसा ने अपनी किताब “Making Rounds with Oscar” में इस बिल्ली के व्यवहार का विस्तार से जिक्र किया है। उनके अनुसार, कई बार स्टाफ ने ऑस्कर को दूसरे कमरों में ले जाने की कोशिश की, लेकिन वह बार-बार उसी मरीज के पास लौट आता था जिसकी कुछ ही समय बाद मृत्यु हो गई।
एक-दो मामलों में तो ऐसा भी हुआ कि जिस मरीज की हालत सामान्य मानी जा रही थी, ऑस्कर उसके पास जाकर बैठ गया—और बाद में उसकी भी मौत हो गई। इससे कई बार डॉक्टरों के अनुमान भी गलत साबित हुए।
अस्पताल में कैसे होती है मदद
ऑस्कर के इस व्यवहार को देखते हुए नर्सिंग होम का स्टाफ अब इसे एक संकेत की तरह लेने लगा है। जब वह किसी मरीज के पास लगातार बैठता है, तो परिजनों को पहले ही सूचना दे दी जाती है, ताकि वे अंतिम समय में अपने प्रियजन के साथ रह सकें।
विज्ञान क्या कहता है?
वैज्ञानिक इस घटना को रहस्य नहीं, बल्कि जानवरों की संवेदनशील क्षमता से जोड़कर देखते हैं। उनके अनुसार—
जानवर शरीर में होने वाले रासायनिक (केमिकल) बदलाव महसूस कर सकते हैं
उन्हें गंध (स्मेल) की असाधारण क्षमता होती है
वे शरीर के तापमान और मेटाबोलिज्म में सूक्ष्म बदलाव पहचान लेते हैं
इन्हीं संकेतों के आधार पर वे किसी गंभीर स्थिति या आसन्न मृत्यु का अंदाजा लगा सकते हैं।
रहस्य या प्राकृतिक क्षमता?
ऑस्कर की कहानी जितनी रहस्यमयी लगती है, उतनी ही यह जानवरों की अद्भुत संवेदनशीलता को भी दिखाती है। हालांकि इसे “मौत की भविष्यवाणी” कहना वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह सटीक नहीं माना जाता, लेकिन यह साफ है कि कुछ जानवर इंसानी शरीर में होने वाले बदलावों को हमसे कहीं पहले महसूस कर लेते हैं।
निष्कर्ष: ऑस्कर जैसी घटनाएं विज्ञान और रहस्य के बीच की उस पतली रेखा को उजागर करती हैं, जहां अभी भी बहुत कुछ समझना बाकी है।

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