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सावधान! पानी में मिला ‘मांसभक्षी’ बैक्टीरिया, 48 घंटे में जानलेवा बन सकता है खतरा

डेस्क:अमेरिका के लॉन्ग आइलैंड (America’s Long Island) के जलाशयों (reservoirs) में एक बेहद खतरनाक बैक्टीरिया मिलने से हड़कंप मच गया है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि विब्रियो वल्निफिकस (Vibrio vulnificus) नाम का यह ‘मांसभक्षी’ बैक्टीरिया (‘Carnivorous’ bacteria) इंसानों और कुत्तों-दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। संक्रमित होने के 48 घंटे के भीतर ही करीब 20% मरीजों की मौत का खतरा बताया गया है।

स्टोनी ब्रुक विश्वविद्यालय के ताजा अध्ययन में सामने आया है कि यह बैक्टीरिया शरीर में बहुत तेजी से फैलता है और समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर जटिलताएं पैदा करता है। शोध का नेतृत्व कर रहे प्रोफेसर क्रिस्टोफर गोबलर के मुताबिक, गर्मियों में गर्म पानी इस बैक्टीरिया के फैलाव को और तेज कर देता है।

कैसे करता है हमला?

CDC पहले ही इसे ‘फ्लेश-ईटिंग’ यानी मांस खाने वाला बैक्टीरिया बता चुका है। यह आमतौर पर खुले घाव, कट या चोट के जरिए शरीर में प्रवेश करता है और तेजी से संक्रमण फैलाता है।

सिर्फ एक जगह नहीं, कई इलाकों में खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि यह खतरा किसी एक तालाब तक सीमित नहीं है। ईस्ट क्वोग समेत कई इलाकों के पानी में यह बैक्टीरिया पाया गया है। इससे वहां मिलने वाले शंख और सीप भी खाने के लिए असुरक्षित हो गए हैं।

शोध में सैगापोनाक तालाब, मेकॉक्स खाड़ी और जॉर्जिका तालाब जैसे जल स्रोतों में जहरीले शैवाल (Algal Bloom) की अधिकता भी सामने आई है, जो पानी की गुणवत्ता को और खराब कर रही है।

क्यों बढ़ रहा है खतरा?

वैज्ञानिकों के मुताबिक, जमीन से समुद्र में जाने वाला नाइट्रोजन—खासतौर पर सेप्टिक सिस्टम के जरिए—इस समस्या की बड़ी वजह है। जिन इलाकों में सीवरेज सिस्टम नहीं है, वहां यह खतरा और तेजी से बढ़ रहा है।

कुत्तों की मौत के मामले भी सामने आए

यह बैक्टीरिया मूल रूप से मैक्सिको की खाड़ी जैसे गर्म तटीय क्षेत्रों में पाया जाता था। लेकिन 2023 में इसे लॉन्ग आइलैंड साउंड में पहली बार दर्ज किया गया, जहां यह तीन मौतों से जुड़ा था। अब यह अन्य जलाशयों में भी फैल चुका है। वैज्ञानिकों ने बताया कि कुछ मामलों में कुत्ते सिर्फ दूषित पानी पीने से बीमार पड़े और उनकी मौत हो गई।
हालांकि हाल के समय में नई मौतें दर्ज नहीं हुई हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि खतरा अभी टला नहीं है—खासतौर पर गर्मियों में सतर्क रहने की जरूरत है।

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