डेस्क: पहलगाम हमले की बरसी पर मंगलवार को अमेरिका और यूरोपीय संघ ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ अपनी एकजुटता जताई।पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अमेरिका भारत के लोगों के साथ खड़ा है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पूरा समर्थन देता रहेगा। उन्होंने इस हमले को बेहद दर्दनाक बताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
इस हमले में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था और उनकी पहचान पूछकर हत्या की थी, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया था। यह घटना भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कड़ी निंदा का कारण बनी थी। इसी मौके पर यूरोपीय संघ (European Union) ने भी भारत के प्रति समर्थन दोहराया। यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देशों ने कहा कि वे आतंकवाद के हर रूप की कड़ी निंदा करते हैं और पीड़ितों की याद में भारत के साथ खड़े हैं।
हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए Operation Sindoor शुरू किया। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओजेके में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया और कई बड़े लॉन्चपैड तबाह किए। इस कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कुछ दिनों तक तनाव और संघर्ष की स्थिति बनी रही, लेकिन अंततः 10 मई 2025 को दोनों देशों के बीच युद्धविराम पर सहमति बन गई। कुल मिलाकर, पहलगाम हमले की पहली बरसी पर दुनिया के बड़े देशों ने भारत के साथ खड़े होकर यह संदेश दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय समर्थन भारत के साथ है।

