
दरभंगा। संसद में महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने के विरोध में आज एमएलएसएम महाविद्यालय एवं महाराजा महेश ठाकुर महाविद्यालय परिसर में जन आक्रोश महिला पदयात्रा का आयोजन किया गया। पदयात्रा में सैकड़ों की संख्या में छात्राओं एवं महिलाओं ने भाग लेकर महिला अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी की मांग को बुलंद किया। कार्यक्रम का नेतृत्व युवा मोर्चा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष मुकेश महासेठ ने कहा महिला आरक्षण बिल का पास न होना महिलाओं के साथ सीधा अन्याय है और यह देश की आधी आबादी की आवाज को दबाने का प्रयास है। उन्होंने कहा युवा मोर्चा इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगा। युवा मोर्चा के जिला महामंत्री गजेंद्र मंडल ने अपने वक्तव्य में कहा आज की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं,लेकिन राजनीति में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आरक्षण आवश्यक है। उन्होंने सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। जिला महामंत्री सूरज चौधरी ने अपने संबोधन में कहा “महिला सशक्तिकरण केवल भाषणों और नारों तक सीमित नहीं रह सकता, इसके लिए ठोस राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रभावी कानून की आवश्यकता है। महिला आरक्षण बिल का लंबित रहना देश की आधी आबादी के साथ अन्याय है। जब तक संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी। तब तक सशक्त भारत की परिकल्पना अधूरी रहेगी।
आज की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं, लेकिन राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में उन्हें बराबरी का अधिकार नहीं मिलना एक बड़ी विडंबना है। अब समय आ गया है महिलाएं स्वयं आगे आकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करें और समाज भी उनके साथ मजबूती से खड़ा हो। महिला मोर्चा अध्यक्ष सपना भारती ने कहा कि जब तक महिलाओं को समान प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा, तब तक सशक्त समाज की परिकल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने कहा यह आंदोलन महिलाओं के आत्मसम्मान और अधिकारों की लड़ाई है। इस कार्यक्रम में युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अमित बिहारी, अजय यादव, जिला मंत्री नितिन झा, अरुण कुशवाहा, जे भारद्वाज, सुनील भारती, सोनू कुमार, विकास कुमार, विवेक कुमार, अंकित कुमार, राजकुमार सहित अनिता कुमारी, रंजू कुमारी, जुली कुमारी, रूपा कुमारी, विभा देवी, सोनाली, अंकित, नाजिया परवीन, नुसरत हसन, शपथ बाग, खुशबू परवीन, समरीन फातिमा, खुशबू कुमारी, सोनाली, अनामिका, दिव्यांशी, श्रुति, सुरभि, लक्ष्मी रानी सहित सैकड़ों छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के दौरान आम छात्राओं ने भी अपनी बात रखी और कहा कि अब समय आ गया है जब महिलाओं को केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि नीति निर्धारण में बराबरी का हक दिया जाए। उन्होंने एक स्वर में महिला आरक्षण बिल को जल्द पारित करने की मांग की। यह पदयात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, लेकिन इसमें महिलाओं और छात्राओं का जो उत्साह और आक्रोश देखने को मिला, वह आने वाले समय में एक बड़े आंदोलन का संकेत दे रहा है।
