डेस्क: अमेरिकी अंतरिक्ष कंपनी ब्लू ओरिजिन (Blue Origin) की हालिया लॉन्चिंग में बड़ी तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है। कंपनी द्वारा भेजा गया एएसटी स्पेसमोबाइल (AST SpaceMobile) का ‘ब्लूबर्ड 7’ संचार उपग्रह तय कक्षा में नहीं पहुंच सका, जिसके चलते वह अपेक्षित तरीके से काम नहीं कर पाया। अंततः उपग्रह को निष्क्रिय करने का निर्णय लेना पड़ा।
यह प्रक्षेपण न्यू ग्लेन रॉकेट के जरिए रविवार सुबह केप कैनावेरल, फ्लोरिडा से किया गया था। लॉन्च के दौरान रॉकेट का पहला चरण सफल रहा और बूस्टर अटलांटिक महासागर में मौजूद एक बिना मानव वाले जहाज पर सुरक्षित उतर गया। हालांकि, रॉकेट का मुख्य मिशन पूरा नहीं हो सका और वह उपग्रह को पृथ्वी की निचली कक्षा (लो अर्थ ऑर्बिट) तक नहीं पहुंचा पाया।
एएसटी स्पेसमोबाइल ने बताया कि उपग्रह लॉन्च के बाद अलग होकर सक्रिय तो हो गया था, लेकिन वह अपेक्षा से कम ऊंचाई पर पहुंचा। इस वजह से उसका थ्रस्टर प्रभावी रूप से काम नहीं कर पाया और अब उसे कक्षा से हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
इससे पहले भारत के LVM3 (Mark-3) रॉकेट के जरिए एएसटी स्पेसमोबाइल का ‘ब्लूबर्ड 6’ उपग्रह सफलतापूर्वक 23 दिसंबर को श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया था। ‘न्यू ग्लेन’ रॉकेट का यह तीसरा मिशन था, जिसे अब जांच पूरी होने तक रोक दिया गया है। घटना के बाद संघीय विमानन प्रशासन (FAA) ने ब्लू ओरिजिन को विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जब तक पूरी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक इस रॉकेट की अगली उड़ान पर रोक रहेगी।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि रॉकेट के दूसरे चरण के दौरान एक इंजन पर्याप्त थ्रस्ट नहीं दे पाया, जिसके कारण तय कक्षा हासिल नहीं हो सकी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच के बाद आवश्यक सुधार किए जाएंगे और भविष्य में मिशन दोबारा शुरू किया जाएगा। साथ ही एएसटी स्पेसमोबाइल के साथ साझेदारी जारी रखने की बात भी कही।

