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नोएडा में श्रमिकों के आंदोलन के बीच बड़ा फैसला, दोगुना ओवरटाइम और समय पर वेतन अनिवार्य

उत्तर प्रदेश: नोएडा में कई दिनों से चल रहे श्रमिकों के आंदोलन के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद औद्योगिक इकाइयों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं, जिनका उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

सरकार के निर्देशों के अनुसार अब किसी भी कर्मचारी से कराए गए ओवरटाइम का भुगतान सामान्य दर से दोगुना करना अनिवार्य होगा। इसमें किसी भी प्रकार की कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी। लंबे समय से श्रमिकों की यह प्रमुख मांग रही थी, जिसे अब सरकार ने सीधे तौर पर लागू करने का फैसला किया है।
इसके साथ ही औद्योगिक प्रतिष्ठानों को हर महीने की 10 तारीख तक कर्मचारियों को एकमुश्त वेतन देना होगा। वेतन सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा और कर्मचारियों को सैलरी स्लिप देना भी जरूरी होगा, ताकि भुगतान में पारदर्शिता बनी रहे। बोनस भुगतान को लेकर भी सख्ती दिखाई गई है और इसे 30 नवंबर तक कर्मचारियों के खातों में भेजना अनिवार्य किया गया है।
श्रमिकों की कार्यस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए साप्ताहिक अवकाश को भी अनिवार्य किया गया है। यदि किसी कर्मचारी से रविवार को काम लिया जाता है, तो उसे दोगुनी मजदूरी देनी होगी। यह फैसला खासतौर पर उन मजदूरों के लिए राहत भरा माना जा रहा है जो लगातार बिना छुट्टी के काम करने को मजबूर थे।

महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं। सभी फैक्ट्रियों में महिलाओं की अध्यक्षता में आंतरिक शिकायत समितियां गठित करना अनिवार्य होगा, ताकि कार्यस्थल पर होने वाले किसी भी उत्पीड़न के मामलों का त्वरित समाधान किया जा सके। साथ ही, शिकायत पेटियों और हेल्पलाइन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
Gautam Buddha Nagar प्रशासन ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इन नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा में उठे इस कदम को राज्य सरकार श्रम सुधारों के एक बड़े मॉडल के रूप में पेश कर रही है। माना जा रहा है कि यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो इससे श्रमिकों के जीवन स्तर और औद्योगिक माहौल दोनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

आशुतोष झा

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