डेस्क: करीब दो दशकों तक दहशत फैलाने वाले चर्चित ‘गिलगो बीच’ (Gilgo Beach) सीरियल किलर मामले में बड़ा मोड़ आया है। लॉन्ग आइलैंड (The Long Island) के 62 वर्षीय आर्किटेक्ट रेक्स ह्युएरमैन (Rex Heuermann) ने अदालत में महिलाओं की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है। 1993 से 2010 के बीच कई महिलाओं की गला घोंटकर हत्या की गई थी और उनके शवों को समुद्र तटीय इलाके में फेंक दिया जाता था।
इस सनसनीखेज मामले पर Netflix ने ‘Gone Girls: The Long Island Serial Killer’ नाम से डॉक्यूमेंट्री सीरीज भी बनाई है, जिसने इस केस को वैश्विक चर्चा में ला दिया।
कैसे खुला राज?
मामले की परतें 2010 में 23 वर्षीय शैनन गिल्बर्ट के लापता होने के बाद खुलनी शुरू हुईं। उसने 911 पर मदद मांगते हुए कॉल किया था। तलाश के दौरान ओशन पार्कवे के पास पुलिस को कई मानव अवशेष मिले, जिससे सीरियल किलर की आशंका पुख्ता हुई।
शुरुआत में चार पीड़ितों—मेलिसा बार्थेलेमी, मौरीन ब्रेनार्ड-बार्न्स, एम्बर लिन कॉस्टेलो और मेगन वाटरमैन—को “गिलगो फोर” नाम दिया गया।
दोहरी जिंदगी जी रहा था आरोपी
रेक्स ह्युएरमैन मैनहट्टन में एक सफल आर्किटेक्ट था और ‘RH Consultants & Associates’ नाम की कंपनी चलाता था। पड़ोसियों के मुताबिक वह शांत स्वभाव का पारिवारिक व्यक्ति लगता था, लेकिन जांच में सामने आया कि वह दोहरी जिंदगी जी रहा था।
पुलिस ने उसके घर की 12 दिन तक तलाशी ली, जिसमें बेसमेंट की तिजोरी से 279 हथियार और कंप्यूटर से हत्या की योजना से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए।
जांच के दौरान पुलिस को एक फेंके गए पिज्जा बॉक्स से डीएनए सैंपल मिला, जिसे ह्युएरमैन से मैच किया गया। यही अहम सबूत उसे गिरफ्तारी तक ले आया।
अदालत में कबूलनामा
8 अप्रैल को आरोपी ने माना कि उसने बर्नर फोन से महिलाओं को पैसों का लालच देकर बुलाया, घर में हत्या की और शवों को बोरियों में लपेटकर गिलगो बीच इलाके में फेंक दिया।
अब क्या होगी सजा?
आगामी 17 जून को उसे फर्स्ट-डिग्री मर्डर के लिए बिना पैरोल उम्रकैद और सेकंड-डिग्री मर्डर के मामलों में 25 साल से उम्रकैद तक की सजा सुनाई जा सकती है।
सफोल्क काउंटी के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी रे टियरनी ने कहा कि आरोपी आम पारिवारिक व्यक्ति होने का दिखावा करता रहा, जबकि वह महिलाओं को निशाना बनाकर उनकी हत्या करता था।
