डेस्क: अफगानिस्तान (Afghanistan) में पिछले दो हफ्तों में मौसम ने कहर बरपाया है। भारी बारिश, अचानक आई बाढ़, भूस्खलन, भूकंप और बिजली गिरने जैसी घटनाओं ने देश को हिला कर रख दिया है। इन आपदाओं में अब तक 148 लोगों की मौत हो चुकी है और 216 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालात इतने खराब हैं कि हजारों परिवार बेघर हो गए हैं और कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है।
जानकारी के मुताबिक, अफगानिस्तान के कई हिस्सों में लगातार खराब मौसम के कारण तबाही बढ़ती जा रही है। राहत एजेंसियों के अनुसार, यह आपदा सिर्फ जान-माल का नुकसान ही नहीं, बल्कि देश में मानवीय संकट भी पैदा कर रही है। ग्रामीण और कमजोर इलाकों में हालात ज्यादा गंभीर हैं, जहां लोगों के पास बचाव के साधन भी नहीं हैं।
क्या सबसे ज्यादा असर नंगरहार में देखने को मिला?
पूर्वी अफगानिस्तान का नंगरहार प्रांत इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां बीते दो दिनों में ही 24 लोगों की मौत और 33 लोग घायल हुए हैं। कई लोगों की जान मकानों की छत गिरने, बाढ़ के पानी और तूफान से गई। इस इलाके में 1,149 घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं और सड़क, खेती और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है।
कितने परिवार हुए प्रभावित और क्या हालात हैं?
रिपोर्ट के अनुसार, 7,500 से ज्यादा परिवार इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के पानी ने गांव और शहरों को डुबो दिया है। कई लोग फंसे हुए थे, जिन्हें हवाई रास्ते से सुरक्षित निकाला गया। सड़कों के टूटने से काबुल और अन्य प्रांतों के बीच संपर्क भी बाधित हो गया है, जिससे राहत कार्यों में दिक्कत आ रही है।
क्या आगे और बढ़ सकता है खतरा?
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। इससे लोगों में डर बढ़ गया है कि मौत और तबाही का आंकड़ा और ऊपर जा सकता है। पहले से ही लगातार आपदाओं से जूझ रहा अफगानिस्तान इस बार फिर बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है।
क्या खेती और खाने पर भी पड़ा असर?
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, इस आपदा में 73,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। 9,000 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है और 15,500 एकड़ से ज्यादा खेती बर्बाद हो गई है। इससे खाने की कमी का खतरा बढ़ गया है और आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
