
दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय द्वारा कुलसचिव के जारी आदेश से कुल 11 तालाबों के लिए बंदोबस्ती (टेंडर) की प्रक्रिया सोमवार को दोपहर 1 बजे से विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव, डॉ ए के मेहता की अध्यक्षता में टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई। जिसमे भू सम्पदा पदाधिकारी, कामेश्वर पासवान, डी आर 2 मनीष कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी रहे। जिसमें कई लोगों ने इस टेंडर में भाग लिया। बारी बारी से लोगो को जिन्होंने टेंडर भरा था बुलाया जा रहा था। हालांकि विवि के प्रशासनिक भवन के सभागार में आयोजित हुई टेंडर की प्रक्रिया के बिच मिडिया के प्रवेश पर मनाही थी।
टेंडर प्रक्रिया सम्पन्न होने के बाद भू सम्पदा पदाधिकारी, कामेश्वर पासवान ने बताया के टेंडर में सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले ओम प्रकाश सिंह को विवि के सभी 11 तालाबों में से 7 तालाबों की बंदोबस्ती ( टेंडर ) अगले दो वर्षो के लिए मिला है। टेंडर के लिए आवेदन 17 मार्च 2026 से 28 मार्च तक कुलसचिव के कार्यालय में शाम 4 बजे तक सिर्फ बैंक डिमांड ड्राफ्ट जमा करना था।कोई चेक या नगद राशि स्वीकार नहीं किया गया है। टेंडर में सबसे अधिक बोली लगाकर लगभग 10 लाख में ओम प्रकाश सिंह को 7 तालाबों के टेंडर अगले 2 वर्षों के लिए मिले।
कादिराबाद निवासी पिंटू कुमार यादव को एक तालाब के लिए टेंडर अगले दो वर्षो के लिए मिला। वही टेंडर के लिए एक आवेदनकर्ता तपेंद्र कुमार सिंह ने बताया विश्वविद्यालय द्वारा सभी 11 तालाबों के लिए टेंडर निकल गई थी। ससमय जानकारी नहीं मिलने एवं पर्व त्योहारों के बीच बैंक बंद रहने के कारण बैंक ड्राफ्ट नहीं बन पाया। टेंडर में भाग नहीं ले पाए। चेक या नगद राशि लेने को लेकर विश्वविद्यालय के संबंधित पदाधिकारी को आवेदन देकर टेंडर की तिथि को आगे बढ़ाई जाए एवं चेक या नगद राशि के माध्यम से टेंडर में भाग ले सके आग्रह करते हुए मांग किया। इधर विवि कर्मचारी संघ के सचिव, राजेश कुमार को टेंडर प्रक्रिया में जाने से रोक दिए जाने से अपनी ओर से नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा हमारे परिचित राकेश सिंह द्वारा तालाबों के लिए टेंडर भरा था। शनिवार को बैंक बंद होने के कारण बैंक ड्राफ्ट नहीं बन पाए और टेंडर में भाग लेने से रोक दिया गया। राजेश कुमार ने बताया इससे पहले भी विश्वविद्यालय द्वारा ई टेंडर निकल गए हैं जिसमें बैंक ड्राफ्ट के साथ साथ राशि और चेक भी लिया गया था। बैंक ड्राफ्ट ही क्यों? अंदर दरवाजा बंद कर गलत प्रक्रिया से किसी एक को फायदा पहुंचाया जा रहा है। मैं मांग करता हूं इस टेंडर की प्रक्रिया को रद्द किया जाए और फिर से टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाए।