उच्चाधिकारी के आदेश से व्यय किए गए सरकारी पैसे का बिल सुरक्षित रखें, क्योंकि इसका अनिवार्य रूप से होता है ऑडिट- विनय कुमार
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के एनएसएस कोषांग की ओर से आयोजित ऑनलाइन बैठक के उद्घाटक- विनय कुमार, मुख्य वक्ता डॉ. मुनीन्द्र सिंह

दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के एनएसएस कोषांग के तत्वावधान में सरकार द्वारा प्राप्त राशि के स्थानांतरण, व्यय मदों एवं उपयोगिता के उद्देश्य से चार जिलों- दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर एवं बेगूसराय के कार्यक्रम पदाधिकारियों की ऑनलाइन महत्वपूर्ण बैठक कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आरएन चौरसिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसका उद्घाटन एनएसएस बिहार- झारखंड के क्षेत्रीय निदेशक विनय कुमार ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में मुंगेर विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक डॉ. मुनीन्द्र कुमार सिंह थे। बैठक में कार्यक्रम पदाधिकारी- डॉ. सोनू राम शंकर, डॉ. लक्ष्मण यादव, डॉ. शबनम कुमारी, डॉ. रीता सिंह, डॉ. रिंकी कुमारी, डॉ. अनुपम प्रिया, डॉ. प्रेमलता शर्मा, डॉ. कमलेश मांझी, डॉ. योगेश्वर साह, डॉ. प्रीति कुमारी, डॉ. चंद्रिका कुमारी, डॉ. शंभू पासवान, डॉ. सुनील कुमार सिंह, प्रधानाचार्य डॉ. मो. रहमतुल्लाह एवं डॉ. अमित, एनएसएस सहायक अमित कुमार झा, विभिन्न कॉलेजों के कंप्यूटर ऑपरेटर सहित 40 से अधिक व्यक्ति उपस्थित है।

एनएसएस, पटना के क्षेत्रीय निदेशक विनय कुमार ने उद्घाटन संबोधन में कहा कि एनएसएस हेतु सरकार से प्राप्त राशि को उच्चाधिकारियों के आदेश से ही व्यय करें तथा एडजस्टमेंट के बाद भी बिलों को सुरक्षित रखें, क्योंकि इसका अनिवार्य रूप से समय-समय पर ऑडिट होता है। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार सीएनए खाता खुलाए प्रत्येक इकाई को विशेष शिविर हेतु 35,000 तथा नियमित गतिविधियों के लिए 36,000 रुपए सहित प्रति वर्ष कुल 71,000 रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की मांग के अनुसार भारत सरकार से और अधिक इकाइयों की मांग की गई है। स्वीकृति प्राप्ति के बाद विश्वविद्यालय में एनएसएस की नई इकाइयां खोली जाएगी।

मुख्य वक्ता डॉ. मुनीन्द्र कुमार सिंह ने सीएनए खाता के महत्व को बताते हुए पीएफएमएस का एडमिन आईडी प्राप्त कर उसे डाटा ऑपरेटर आईडी तथा डाटा एप्रूवल आईडी क्रिएट करने, डाटा ऑपरेटर आईडी से वेंडर ऐड कर उसका मैपिंग करेने तथा डाटा ऑपरेटर आईडी से एक्सपेंडिचर क्रिएट करने की विधि बताई। फिर डाटा अप्रूवल आईडी से एक्सपेंडिचर अप्रूवल का प्रिंट पेमेंट एडवाइस जनरेट करने और पीपीए की दो प्रति प्रिंट कर कॉलेज के प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर एवं स्टांप करवाने के बाद बैंक में जमा का रिसीविंग प्राप्त करने, जबकि पेमेंट सफल होने की पुष्टि बैंक मैनेजर से प्राप्त करने की बात बताई। उन्होंने पूरे एकाउंट ऑपरेशन को प्रायोगिक तौर पर न केवल बताया, बल्कि कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ सोनू राम शंकर, डॉ लक्ष्मण यादव, डॉ चंद्रिका कुमारी आदि से विस्तार से फीडबैक भी प्राप्त किया। वहीं अमित कुमार झा ने सबके बीच पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर जानकारी को और पुख्ता किया।
अध्यक्षीय संबोधन में एनएसएस समन्वयक डॉ. आरएन चौरसिया ने विशेष शिविर एवं नियमित गतिविधि के साथ ही एनएसएस के विभिन्न शिविरों के महत्वों एवं गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी तक करीब 30 इकाइयों का सीएनए खाता खोला गया है, जिनका विश्वविद्यालय से मैपिंग हो चुका है। शेष कॉलेजों को भी जल्द से जल्द स्टेट बैंक में खाता खोलने का रिमाइंडर दिया गया है, ताकि उनका भी मैपिंग किया जा सके और समय पर सरकारी अनुदान छूटे हुए कॉलेजों को भी प्राप्त हो सके। प्रश्नोत्तर सत्र में डॉ साधना शर्मा, डॉ शंभू पासवान, डॉ शबनम कुमारी, डॉ लक्ष्मण यादव आदि ने महत्वपूर्ण प्रश्न पूछा, जिनका उत्तर विषय- विशेषज्ञ डॉ. मुनीन्द्र कुमार सिंह ने दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सोनू राम शंकर ने, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. लक्ष्मण यादव ने किया।
