अंतरराष्ट्रीय

डॉलर पर ट्रंप के साइन? 250वीं वर्षगांठ पर बड़ा बदलाव… क्या बदलने जा रही है अमेरिकी करेंसी की परंपरा

डेस्कः अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने एक ऐतिहासिक बदलाव की घोषणा की है, जिसके तहत डोनाल्ड ट्रंप का नाम अब अमेरिकी कागजी मुद्रा (डॉलर) पर दिखाई देगा। यह फैसला न सिर्फ अपने प्रतीकात्मक महत्व के कारण खास है, बल्कि इसके समय को लेकर भी चर्चा में है। पहली बार किसी मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर अमेरिकी नोटों का हिस्सा बनने जा रहे हैं। इस खबर की जानकारी सबसे पहले Vanity Fair ने दी।
ट्रेजरी विभाग ने बताया कि अब नए छपने वाले सभी अमेरिकी नोटों पर ट्रंप के हस्ताक्षर शामिल किए जाएंगे, जो अब तक चली आ रही परंपरा से अलग है।

क्या है इस बदलाव की खास बात?

अब तक अमेरिकी नोटों पर केवल ट्रेजरी सेक्रेटरी और यू.एस. ट्रेजरर के हस्ताक्षर होते थे। किसी मौजूदा राष्ट्रपति का नाम जोड़ना इस परंपरा से बड़ा बदलाव माना जा रहा है। ट्रेजरी ने पुष्टि की है कि ट्रंप के हस्ताक्षर स्कॉट बेसेंट के हस्ताक्षर के साथ दिखाई देंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नया बदलाव इसी साल लागू किया जा सकता है, हालांकि अभी इसकी पूरी डिटेल सामने नहीं आई है।

स्कॉट बेसेंट ने इस फैसले को अहम बताते हुए कहा, “हमारे महान देश और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ऐतिहासिक उपलब्धियों को सम्मान देने का इससे बेहतर तरीका नहीं हो सकता कि अमेरिकी डॉलर पर उनका नाम हो। यह बदलाव 250वीं वर्षगांठ (Semiquincentennial) के मौके पर जारी किया जाना पूरी तरह उचित है।”

कैसा दिखेगा नया डॉलर?

नए नोटों के डिजाइन में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन सबसे बड़ा अंतर ट्रंप के हस्ताक्षर का शामिल होना होगा। इस बदलाव को लागू करने की जिम्मेदारी यूएस ब्यूरो ऑफ़ एनग्रेविंग एंड प्रिंटिंग की होगी, जो अमेरिकी कागजी मुद्रा छापता है। वहीं, यू.एस. ट्रेजरर ब्रैंडन बीच ने भी इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि ट्रंप के हस्ताक्षर छापना “न सिर्फ उचित है, बल्कि पूरी तरह से योग्य भी है।”

ट्रंप से जुड़े और भी प्रोजेक्ट जारी

यह घोषणा ट्रंप के नाम और छवि से जुड़े कई अन्य प्रोजेक्ट्स का हिस्सा है। इसी महीने एक फेडरल आर्ट्स कमीशन ने 24 कैरेट सोने के एक स्मारक सिक्के के डिजाइन को मंजूरी दी है, जिस पर ट्रंप की छवि होगी। यह सिक्का अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस (4 जुलाई) को देश की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर जारी किया जाएगा। ट्रेजरी विभाग ने बताया कि यह करेंसी बदलाव भी इसी ऐतिहासिक मौके से जुड़ा हुआ है।

कागजी मुद्रा का उत्पादन पहले की तरह यूएस ब्यूरो ऑफ़ एनग्रेविंग एंड प्रिंटिंग ही करेगा, जबकि सिक्कों का निर्माण U.S. Mint के जिम्मे रहेगा। यह बदलाव अमेरिकी मुद्रा में नेतृत्व की छवि को दिखाने के तरीके में एक बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है, जहां परंपरा के साथ एक नया और अभूतपूर्व कदम जोड़ा जा रहा है।

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