– भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर एवं अवध भारतीय संस्थान, लखनऊ ने उठाया अभिनव कदम
– ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ से शुरू हुई पांच दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
– ‘अवधी भाषा और प्रौद्योगिकी: संरक्षण, संवर्धन एवं भविष्य’ विषयक संगोष्ठी में सहभागी होंगे साहित्यकार और कलाकार
– अवधी भाषा के डिजिटलीकरण वास्ते 50 अवधी आराधकों की हो रही है रिकॉर्डिंग

बीकेटी/लखनऊ। एसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में आगामी 27 मार्च को “अवधी भाषा और प्रौद्योगिकी: संरक्षण, संवर्धन एवं भविष्य” विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। संगोष्ठी के उपरांत अवधी भाषा के डिजिटलीकरण हेतु अवधी साहित्यकारों एवं कलाकारों की रिकॉर्डिंग होगी।
इस राष्ट्रीय अवधी संगोष्ठी के मुख्य अतिथि सीतापुर के विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान होंगे। जबकि मुख्य वक्ता भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर (कर्नाटक) के वरिष्ठ रिसोर्स संसाधक डॉ. सत्येन्द्र कुमार अवस्थी होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में ख़्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्विद्यालय के प्रोफेसर डॉ नीरज शुक्ला, अवध भारती संस्थान के अध्यक्ष डॉ राम बहादुर मिश्र, कल्चर दीदी कुसुम वर्मा एवं प्रदीप सारंग उपस्थित रहेंगे।
राष्ट्रीय सलाहकार समिति के सदस्य एवं कार्यक्रम संयोजक नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान ने बताया कि ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ से पांच दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आगाज हो चुका है। 25 मार्च को भाषा विश्वविद्यालय में संगोष्ठी के उपरांत अवधी के डिजिटलीकरण हेतु अवधी आराधकों की रिकार्डिंग की हुई। यहां गुरुवार को भी संगोष्ठी और रिकार्डिंग होगी।
इसी कड़ी में 27 मार्च को एसआर इंजीनियरिंग कॉलेज, बीकेटी में संगोष्ठी का आयोजन होगा। यहां एमएलसी पवन सिंह चौहान, राष्ट्रीय लोकगायिका संजोली पाण्डेय, सुप्रसिद्ध आल्हा गायक काजल सिंह “अंजली” व हास्य कवि संदीप अनुरागी सहित 10 अवधी आराधक अवधी गद्य रिकॉर्ड कराएंगे।
नागेन्द्र ने बताया कि आगामी 29 मार्च को बाराबंकी में आँखें फाउंडेशन के संयोजन में संगोष्ठी और रिकॉर्डिंग होगी। जबकि 30 मार्च, 2026 को उत्तर प्रदेश साहित्य सभा, लखनऊ के कार्यालय में संगोष्ठी और रिकॉर्डिंग होगी। यह ऐतिहासिक कार्य भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर एवं अवध भारती संस्थान, लखनऊ के तत्वावधान में हो रहा है। लखनऊ और बाराबंकी की सारी रिकार्डिंग को गूगल पर अपलोड किया जाएगा। गूगल पर यह अवधी सामग्री विश्व की 145 भाषाओं में उपलब्ध कराई जाएगी।
