डेस्क: अंतरराष्ट्रीय बाजार से आम आदमी के लिए एक बेहद राहत भरी खबर आ रही है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे तनाव और युद्ध के माहौल के बीच अचानक कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। महज कुछ ही समय में ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम $101 से लुढ़क कर $98 प्रति बैरल पर आ गए हैं। करीब 6% की यह बड़ी गिरावट फरवरी के बाद की सबसे महत्वपूर्ण कमी मानी जा रही है।
क्यों गिर रहे हैं दाम? कूटनीति का असर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच चल रही पर्दे के पीछे की बातचीत है। खबरों के अनुसार, अमेरिका ने एक 15-सूत्रीय ‘सीजफायर प्लान’ का प्रस्ताव रखा है। हालांकि ईरान आधिकारिक तौर पर किसी भी समझौते से इनकार कर रहा है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के सकारात्मक संकेतों ने वैश्विक तेल बाजार में नरमी ला दी है। यदि यह शांति वार्ता सफल होती है, तो तेल की कीमतों में और भी बड़ी कटौती देखने को मिल सकती है।
भारत के महानगरों में आज क्या है स्थिति?
भले ही कच्चे तेल के दाम गिरे हों, लेकिन आज यानी 25 मार्च 2026 को भारतीय शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। फिलहाल प्रमुख शहरों के भाव कुछ इस प्रकार हैं:
दिल्ली: यहां पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।
मुंबई: आर्थिक राजधानी में अभी भी कीमतें ऊंची हैं, जहां पेट्रोल ₹103.12 और डीजल ₹93.45 पर बना हुआ है।
हैदराबाद और बेंगलुरु: हैदराबाद में पेट्रोल सबसे महंगा ₹107.50 है, जबकि बेंगलुरु में यह ₹102 के स्तर पर है।
अन्य शहर: कोलकाता में पेट्रोल ₹100.25, लखनऊ में ₹94.69 और अहमदाबाद में ₹94.89 प्रति लीटर मिल रहा है।
कब मिलेगी महंगाई से असली राहत?
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल दूसरे देशों से खरीदता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में $3 प्रति बैरल की यह कमी भारतीय तेल कंपनियों के लिए बड़ी राहत है। जानकारों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम इसी तरह स्थिर रहे या और गिरे, तो भारतीय तेल कंपनियां जल्द ही पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कटौती का लाभ आम जनता तक पहुंचा सकती हैं। आने वाले कुछ दिन भारतीय उपभोक्ताओं की जेब के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।
