नई दिल्ली/पटना, 25 मार्च: बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड ने बांका से अपने सांसद गिरधारी यादव की लोकसभा सदस्यता रद्द करने के लिए स्पीकर को नोटिस भेज दिया है। पार्टी ने उन पर “पार्टी विरोधी गतिविधियों” में शामिल होने का आरोप लगाया है।
जदयू संसदीय दल के नेता दिलेश्वर कामत ने लोकसभा अध्यक्ष को यह नोटिस सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की है। माना जा रहा है कि इस कदम के पीछे नीतीश कुमार की नाराजगी अहम वजह है।
पार्टी के मुताबिक, गिरधारी यादव ने विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर अपने बेटे के लिए प्रचार किया। उनका बेटा विपक्षी दल के टिकट पर चुनाव लड़ रहा था, जिसके बावजूद उन्होंने खुलकर समर्थन किया। इसे जदयू ने अनुशासनहीनता माना।
बताया जा रहा है कि गिरधारी यादव ने चुनाव से पहले चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए थे, जिससे पार्टी नेतृत्व नाराज हो गया था। इसके बाद से ही उनके खिलाफ कार्रवाई की अटकलें तेज हो गई थीं।
गिरधारी यादव लंबे समय से नीतीश कुमार के करीबी माने जाते रहे हैं, लेकिन इस घटनाक्रम के बाद पार्टी में उनकी स्थिति कमजोर होती दिख रही है। अब सबकी नजर लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर टिकी है।
जदयू का यह कदम साफ संकेत देता है कि पार्टी अब अनुशासन के मुद्दे पर सख्त रुख अपना रही है, चाहे नेता कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो।
आशुतोष झा
