डेस्क: वैश्विक बाजार (global market) में सोना और चांदी की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली है जिसने निवेशकों (investors) को चौंका दिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार MCX (Multi Commodity Exchange) पर चांदी (silver) की कीमत में भारी गिरावट दर्ज की गई है जो करीब 4.21 प्रतिशत या लगभग 9474 रुपये टूटकर 215693 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। वहीं सोने (gold) के दाम भी 1.77 प्रतिशत यानी लगभग 2460 रुपये फिसलकर 136800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए।
इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदले हुए हालात बताए जा रहे हैं। मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेतों के चलते निवेशकों की सुरक्षित निवेश यानी सेफ हेवन की मांग कमजोर पड़ी है जिससे सोना और चांदी दोनों पर दबाव बना है। आमतौर पर ऐसे तनाव के समय निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं लेकिन इस बार स्थिति उलट नजर आई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो सिंगापुर में सोने की कीमत करीब 1.5 प्रतिशत गिरकर 4340 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गई। वहीं चांदी भी लगभग 3.3 प्रतिशत टूटकर 66.81 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इसके अलावा प्लैटिनम और पैलेडियम में भी गिरावट देखने को मिली है।
एशियाई कारोबार के दौरान भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा जहां कॉमेक्स पर सोना 4370 डॉलर प्रति औंस तक फिसला जबकि चांदी भी 67 डॉलर प्रति औंस के करीब ट्रेड करती नजर आई। यह दर्शाता है कि ग्लोबल लेवल पर निवेशकों का रुझान फिलहाल कमजोर पड़ा हुआ है।
अगर पूरे मार्च महीने की बात करें तो सोना और चांदी दोनों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस महीने अब तक दोनों कीमती धातुओं के दामों में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है जो पिछले कई दशकों में सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। इस गिरावट के चलते सोना और चांदी अब बेयर मार्केट में प्रवेश कर चुके हैं जिससे बाजार में चिंता बढ़ गई है।
लगातार चार हफ्तों से गिरावट का सिलसिला जारी है और इसका असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय निवेशकों में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है क्योंकि लोग मुनाफा सुरक्षित करना चाह रहे हैं। इससे कीमतों में और अधिक गिरावट देखने को मिल रही है।
हाल ही में सोना अपने ऑल टाइम हाई से लगभग 20 से 25 प्रतिशत नीचे आ चुका है जबकि चांदी में गिरावट और भी तेज रही है। यह संकेत देता है कि बाजार में तेज उछाल के बाद अब एक बड़ा करेक्शन चल रहा है जो निवेशकों के लिए अस्थिरता का संकेत है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं जिनमें मजबूत अमेरिकी डॉलर ऊंची ब्याज दरें और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें शामिल हैं। ऊंची ब्याज दरों के कारण सोने जैसे गैर ब्याज देने वाले निवेशों की आकर्षकता कम हो जाती है जिससे इसकी मांग घटती है।
फिलहाल बाजार में उतार चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। निवेश विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट टर्म में यह गिरावट जारी रह सकती है लेकिन लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह एक अच्छा अवसर भी हो सकता है। ऐसे में निवेशकों को सावधानी के साथ निवेश करने और एक साथ बड़ी राशि लगाने के बजाय धीरे धीरे निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
