गुवाहाटी/नई दिल्ली: असम में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। नागांव से लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, बोरदोलोई टिकट बंटवारे और संगठन के भीतर चल रही खींचतान से नाराज थे। उन्होंने मंगलवार रात इस्तीफा दिया और अगले ही दिन दिल्ली में बीजेपी जॉइन कर ली। कांग्रेस नेतृत्व इस पूरे घटनाक्रम को संभालने में पीछे रह गया।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पार्टी उनसे बात करना चाहती थी। वहीं असम के प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह भी स्थिति को काबू में नहीं ला सके।
दूसरी तरफ, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बोरदोलोई का बीजेपी में स्वागत किया और कहा कि उनके आने से पार्टी और मजबूत होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम में “हिमंता फैक्टर” कांग्रेस पर भारी पड़ रहा है।
इससे पहले भी कई नेता कांग्रेस छोड़ चुके हैं, जिससे पार्टी में अंदरूनी संकट गहराता दिख रहा है। चुनाव से ठीक पहले ऐसे दलबदल कांग्रेस के लिए चिंता का विषय बन गए हैं।
असम में 9 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि 4 मई को नतीजे आएंगे। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि इस सियासी बदलाव का चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ता है।
आशुतोष झा
