अंतरराष्ट्रीय

18 दिन में अमेरिकी ड्रोन बेड़े को बड़ा झटका: ‘रीपर’ ढेर, अब सस्ते ‘लुकास’ पर दांव

डेस्क: अमेरिका-इजरायल (US-Israel War) के नेतृत्व वाले ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (Operation Epic Fury) के दौरान ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई में अमेरिकी सेना (US Army) को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरवरी के अंत से अब तक कम से कम 11 MQ-9 Reaper ड्रोन ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा मार गिराए जा चुके हैं। इससे अमेरिका को 330 मिलियन डॉलर (करीब 3000 करोड़ रुपये) से ज्यादा का आर्थिक झटका लगा है।

इन नुकसानों के बाद अमेरिका ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए अब कम लागत वाले ड्रोन सिस्टम पर फोकस बढ़ा दिया है।

रीपर पर भारी पड़ा ईरानी एयर डिफेंस

करीब 30-32 मिलियन डॉलर कीमत वाला MQ-9 रीपर लंबी दूरी की निगरानी और सटीक हमलों के लिए जाना जाता है। लेकिन ईरान की उन्नत वायु रक्षा प्रणालियां, जैसे S-300 और Khordad-15, के सामने यह ड्रोन कमजोर साबित हुआ। इसकी धीमी गति और स्टेल्थ तकनीक की कमी इसे आसान लक्ष्य बना रही है।

लगातार हमलों से बढ़ा नुकसान

हालिया घटनाओं में:
14 मार्च को बंदर अब्बास के ऊपर एक रीपर को मार गिराया गया।
15 मार्च को अली अल सलेम एयर बेस के पास हमले में एक और ड्रोन नष्ट हुआ।
शुरुआती दिनों में एक ड्रोन गलती से सहयोगी बलों की फायरिंग में भी गिरा।

अब ‘लुकास’ बना नई रणनीति का हिस्सा

भारी नुकसान के बाद अमेरिका ने लो-कॉस्ट अनक्रूड कॉम्बैट अटैक सिस्टम यानी LUCAS drone को तैनात करना शुरू कर दिया है। यह ड्रोन ईरान के Shahed-136 की तर्ज पर विकसित किया गया है, लेकिन आधुनिक अमेरिकी तकनीक से लैस है।

इसकी खासियत यह है कि:

कीमत सिर्फ करीब 35,000 डॉलर है
500-800 किमी तक मारक क्षमता
लक्ष्य से टकराकर विस्फोट करने वाला ‘कामिकेज’ सिस्टम
झुंड में हमला कर एयर डिफेंस सिस्टम को ओवरलोड करने की क्षमता
क्यों बदलनी पड़ी रणनीति?
विशेषज्ञों के अनुसार, महंगे रीपर ड्रोन को सस्ती मिसाइलों से गिराया जाना अमेरिका के लिए घाटे का सौदा बन गया है। इसके मुकाबले LUCAS जैसे ड्रोन “एक्सपेंडेबल” यानी जरूरत पड़ने पर बलिदान देने योग्य होते हैं।

इसके अलावा:

रीपर बड़े और धीमे हैं, जबकि LUCAS छोटे और तेज
रीपर बनाने में महीनों लगते हैं, LUCAS तेजी से बड़े पैमाने पर तैयार हो सकते हैं
आधुनिक युद्ध में ‘स्वार्म ड्रोन’ रणनीति ज्यादा प्रभावी साबित हो रही है.

असममित युद्ध की नई तस्वीर

ईरान पहले से ही कम लागत वाले ड्रोन युद्ध में बढ़त बना चुका है। Patriot missile जैसी महंगी मिसाइलों से सस्ते ड्रोन को मार गिराना आर्थिक रूप से भी चुनौती बन रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम आधुनिक युद्ध की बदलती तस्वीर को दिखाता है, जहां महंगे हाई-टेक हथियारों के बजाय सस्ते, तेज और बड़ी संख्या में इस्तेमाल होने वाले ड्रोन निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।

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