पटना: बिहार के राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है। तेजस्वी यादव के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह की हार के बाद अब अंदरूनी कलह खुलकर सामने आने लगी है।
वोटिंग के दौरान कांग्रेस के तीन और आरजेडी के एक विधायक के मतदान से दूरी बनाने को हार की बड़ी वजह माना जा रहा है। इसी बीच कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने खुलकर पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मनोज विश्वास ने कहा कि उम्मीदवार चयन में कांग्रेस नेताओं की कोई भूमिका नहीं थी। पहले अलग-अलग नामों की चर्चा हुई, लेकिन अंतिम समय में ऐसे उम्मीदवार को उतार दिया गया, जिनका राजनीतिक अनुभव सीमित है।
उन्होंने सीधे तौर पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पार्टी नेताओं को ही सम्मान नहीं मिला, तो विधायकों को अपनी मर्जी से फैसला लेने के लिए कहा गया।
विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है और वे पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं, लेकिन चुनाव के समय जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी से असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद तेजस्वी यादव की रणनीति पर भी सवाल उठने लगे हैं। माना जा रहा है कि सहयोगी दलों के बीच तालमेल की कमी और आखिरी वक्त में लिए गए फैसले महागठबंधन को भारी पड़ गए।
कुल मिलाकर, यह हार सिर्फ एक सीट की नहीं, बल्कि गठबंधन के भीतर बढ़ती नाराजगी और समन्वय की कमी का बड़ा संकेत है।
आशुतोष झा
