राष्ट्रीय

लूडो की बिसात पर बिछी लाश! खेल-खेल में गोटी कटी तो गुस्से में तमतमाए युवक ने गोलियों से भूना

डेस्क:भागलपुर के पीरपैती थाना क्षेत्र में हुए ऋषभ झा हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से घटना में प्रयुक्त हथियार, एक खोखा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। भागलपुर के वय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने प्रेस वार्ता में बताया कि 9 मार्च की शाम ऋषभ झा को गोली मार दी गई थी। गंभीर रूप से घायल ऋषभ को इलाज के लिए मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में जो सच्चाई सामने आई वह काफी चौंकाने वाली थी। दरअसल मृतक ऋषभ झा और उसके दोस्त पास के ही एक स्थान पर बैठकर लूडो खेल रहे थे। कुछ और लोग वहां हथियार लेकर पहुंचे। इसी दौरान किसी बात को लेकर गोली चल गई। बंदूक दोस्त सौरभ के हाथ में थी। गोली चलने के बाद सभी दोस्त घबरा गए और मिलकर ऋषभ को अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन घटना की सूचना पीरपैथी थाना पुलिस को नहीं दी गई। बाद में जब अस्पताल में इलाज के दौरान ऋषभ की मौत हो गई तब बरारी थाना पुलिस ने इस घटना की जानकारी पीरपैथी थाना को दी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मृतक का दोस्त सौरभ शुरू में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था। उसने पुलिस को बताया था कि वह और ऋषभ बाइक से जा रहे थे तभी नकाबपश अपराधियों ने उन पर गोली चला दी। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो सौरभ ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। सौरभ की निशानानदेही पर पुलिस ने भानु, प्रीतम, राहुल और दीपक को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी एक साथ बैठकर लूडो खेल रहे थे और उसी दौरान यह खौफनाक वारदात हो गई। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर आगे की कारवाही में जुटी हुई है। एक हत्याकांड के उद्भेदन को लेकर बुलाई गई है। आप लोगों को ज्ञात होगा कि 10 तारीख को एक सूचना प्राप्त हुई थी। यानी ये घटना नौ की रात्रि की थी तिरपति थाना क्षेत्र की जहां पर एक व्यक्ति जिनका नाम ऋषभ जा था और उनको गोली लगी थी और अगले दिन इलाज के क्रम में उनकी मृत्यु हो गई और जैसे ही घटना का हम लोगों को संज्ञान 10 तारीख को सुबह प्राप्त हुआ थाना को उसके बाद जो इसमें अनुसंधान हुआ उसके बाद जो हम लोगों को प्राथमिकी के लिए जो आवेदन पड़ा उसके आधार पर जांच करते हुए और अनुसंधान करते हुए एसडीपीओ त्रिपती के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *