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होर्मुज पार कर गया तेल टैंकर? डोनाल्ड ट्रंप के मंत्री के पोस्ट पर बवाल, ईरान ने ले ली मौज

डेस्क: ईरान (Iran) में जारी जंग के बीच समंदर (Ocean) में उस वक्त सस्पेंस बढ़ गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने X पर पोस्ट कर दावा किया कि होर्मुज (Hormuz) की खाड़ी से एक ऑयल टैंकर को अमेरिका ने पार करवा दिया. हालांकि, कुछ देर बाद उन्होंने इस पोस्ट को डिलीट कर दिया. लेकिन इस पोस्ट से कच्चे तेल की कीमत अचानक से 15 फीसदी तक गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई.

इसके थोड़ी देर बाद ही व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लैविट ने साफ किया कि अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट से किसी जहाज को एस्कॉर्ट नहीं किया है. बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट वही संकरा समंदरी रास्ता है, जहां से ईरान ऑयल टैंकरों को गुजरने नहीं दे रहा है. दुनिया का 20 फीसदी कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है.

28 फरवरी को जब अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमला किया तो उसने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले ऑयल टैंकरों पर हमला कर दिया. ईरान ने धमकी भी दी है कि वह दुश्मन के किसी भी ऑयल टैंकर को यहां से गुजरने नहीं देगा. वहीं, ट्रंप ने भी धमकी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने ऐसा किया तो उसे अब तक हुए नुकसान से भी 20 गुना ज्यादा नुकसान झेलना होगा.

ऊर्जा मंत्री ने पहले की पोस्ट, फिर कर दी डिलीट

इसी बीच मंगलवार देर रात ट्रंप सरकार में ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि अमेरिकी नेवी ने ग्लोबल एनर्जी सप्लाई जारी रखने के लिए होर्मुज स्ट्रेट से एक ऑयल टैंकर को एस्कॉर्ट किया था लेकिन बाद उन्होंने इसे डिलीट कर दिया.

उन्होंने इस पोस्ट में लिखा था, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन के दौरान ग्लोबल एनर्जी सप्लाई की स्थिरता बनाए रख रहे हैं. अमेरिकी नेवी ने ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई जारी रखने के लिए होर्मुज स्ट्रेट से एक ऑयल टैंकर को सफलतापूर्वक एस्कॉर्ट किया.’

जैसे ही ऑयल टैंकर को एस्कॉर्ट करने की बात सामने आई, वैसे ही कच्चे तेल की कीमत 15% तक गिर गई. ब्रेंट क्रूड सोमवार को 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थी. मंगलवार को यह 84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. क्रिस राइट की पोस्ट के यह 80 डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंच गई.

व्हाइट हाउस ने दूर किया कन्फ्यूजन

क्रिस राइट ने पहले पोस्ट की और फिर उसे डिलीट कर दिया, इससे कन्फ्यूजन बढ़ा. लेकिन कुछ देर बाद ही व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लैविट ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इस कन्फ्यूजन को दूर कर दिया.

लैविट ने कहा, ‘मैं पुष्टि कर सकती हैं कि अमेरिकी नेवी ने इस समय किसी टैंकर या जहाज को एस्कॉर्ट नहीं किया है. हालांकि, यह एक ऑप्शन है जिसके बारे में प्रेसिडेंट ने कहा है कि अगर और जब सही समय पर जरूरत होगी तो वह इसका जरूर इस्तेमाल करेंगे.’

अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने होर्मुज में ऑयल टैंकर को एस्कॉर्ट किए जाने से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सफाई दी है. विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर साझा किया गया वीडियो क्लिप इसलिए हटा दिया गया, क्योंकि विभाग के एक कर्मचारी ने उसे गलत तरीके से पोस्ट कर दिया था.
इस पोस्ट में दावा किया गया था कि अमेरिकी नौसेना ने एक तेल टौंकर को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सुरक्षित तरीके से पार करवाने में मदद की थी लेकिन बाद मे यह जानकारी गलत पाए जाने पर इसे तुरंत हटा दिया गया.

ऊर्जा विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि मंत्री और अन्य अधिकारी होर्मुज की स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने बताया कि यह रास्ता पश्चिम एशिया से तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है.

ईरान ने क्या कहा?

ईरान ने भी क्रिस राइट के दावे को खारिज कर दिया. ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने ऑयल टैंकर को एस्कॉर्ट किए जाने की बात से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, अमेरिकी फ्लीट और उसके पार्टनर की किसी भी मूवमेंट को हमारी मिसाइलों और ड्रोन से रोक दिया जाएगा.

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान-अमेरिका में तनातनी

28 फरवरी से ही होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव बना हुआ है. कई ऑयल टैंकर पर ईरान ड्रोन हमले कर चुका है. जहाज फंसे हुए हैं. ट्रंप ने इसे लेकर धमकाते हुए कहा था कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई रोकता है तो अमेरिका ने हमलों में अब तक जितना नुकसान पहुंचाया है, उससे 20 गुना ज्यादा नुकसान होगा. इससे पहले ट्रंप ने दावा करते हुए कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट खुल गया है और वह इस पर कब्जा करने के बारे में सोच रहे हैं.

वहीं, IRGC ने भी कहा था कि ईरान अगले नोटिस तक इस इलाके से दुश्मन देश और उसके पार्टनर्स को एक लीटर तेल भी नहीं ले जाने देगा. बहरहाल, इस जंग में होर्मुज स्ट्रेट एक प्रेशर पॉइंट बन गया है. इसे लेकर तनाव और बढ़ता जा रहा है. जानकारों का कहना है कि अगर लंबे समय तक होर्मुज स्ट्रेट बंद रहती है तो इससे तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं. 28 फरवरी के बाद से ही कच्चे तेल की कीमत 25% तक बढ़ चुकी है.

ईरान ने उड़ाया मजाक

क्रिस राइट की पोस्ट और फिर उसे डिलीट करने की घटना पर ईरान ने अमेरिका का मजाक उड़ाया है. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने X पर पोस्ट किया, ‘अमेरिकी नेवी के जहाजों के साथ एक तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया? शायद प्लेस्टेशन पर!’

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर मार्केट को मैनिपुलेट करने के लिए फेक न्यूज फैलाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी अधिकारी मार्केट मैनिपुलेट करने के लिए फेक न्यूज पोस्ट कर रहे हैं. इससे वे अमेरिकियों पर थोपी गई महंगाई की सुनामी से नहीं बचेंगे.’

उन्होंने कहा कि मार्केट इस वक्त इतिहास के सबसे बड़े संकट का सामना कर रहा है. अरब ऑयल बैन, ईरान की इस्लामिक क्रांति और कुवैत हमले को मिलाकर जो तेल की कमी हुई थी, अभी उससे भी बड़ा संकट है.

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