अंतरराष्ट्रीय

ईरान युद्ध के बीच अमेरिका का ‘फ्रीडम शील्ड’ शुरू, द. कोरिया के एयर बेस पर उड़ान भरते दिखे US मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट

डेस्क: हाल ही में  दक्षिण कोरिया ( South Korea) में  Osan Air Base में एक अमेरिकन एयर बेस पर कई US मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट आते और वहां से उड़ान भरते देखे गए हैं। लोकल मीडिया ने अंदाज़ा लगाया कि इलाके में तनाव बढ़ने पर ये एयरक्राफ्ट #MiddleEast में अपने एसेट्स को फिर से तैनात कर सकते हैं।  पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव के बीच अमेरिका (United States) और  दक्षिण कोरिया (South Korea)ने सोमवार को संयुक्त रूप से एक बड़े सैन्य अभ्यास की शुरुआत की है। इस अभ्यास का नाम Freedom Shield है और इसमें हजारों सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। यह सैन्य अभ्यास 19 मार्च तक चलेगा।

Multiple #US military transport aircraft have been seen arriving at and taking off from an American air base in #OsanAirBase in #SouthKorea recently. Local media speculated that those could be redeploying assets to the #MiddleEast as regional tensions rise.

दक्षिण कोरिया के Joint Chiefs of Staff के अनुसार इस अभ्यास में लगभग 18,000 दक्षिण कोरियाई सैनिक शामिल हैं। हालांकि दक्षिण कोरिया में तैनात अमेरिकी सेना United States Forces Korea ने इसमें शामिल अपने सैनिकों की संख्या सार्वजनिक नहीं की है। यह सैन्य अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब दक्षिण कोरियाई मीडिया में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि अमेरिका अपने कुछ सैन्य संसाधनों को कोरियाई क्षेत्र से हटाकर पश्चिम एशिया में Iran के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए भेज रहा है। हालांकि अमेरिकी सेना ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इन दावों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

रिपोर्टों में कहा गया है कि कुछ अमेरिकी Patriot missile system और अन्य सैन्य उपकरण पश्चिम एशिया भेजे जा सकते हैं।  दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने इन खबरों की पुष्टि नहीं की, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों की संयुक्त रक्षा रणनीति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस संयुक्त सैन्य अभ्यास पर North Korea की कड़ी प्रतिक्रिया आ सकती है।उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को हमले की तैयारी बताता रहा है और अक्सर इसके जवाब में मिसाइल परीक्षण और सैन्य प्रदर्शन बढ़ा देता है।अमेरिका और दक्षिण कोरिया का कहना है कि ये सैन्य अभ्यास पूरी तरह रक्षा उद्देश्य से किए जाते हैं और उनका मकसद संभावित खतरों के खिलाफ तैयारी करना है।

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