राष्ट्रीय

वो रात जब अजीत डोभाल पाकिस्तान में लगभग पकड़े गए थे, क्या है ऑपरेशन अभय जिससे लाहौर आज भी कांपता है

डेस्क:एक ऐसा भारतीय जो खुलेआम पाकिस्तान को एक और मुंबई के बदले बलूचिस्तान छीन लेने की चेतावनी देने से भी गुरेज नहीं करता। एक ऐसा जासूस जो लाहौर में सात साल मुसलमान बनकर देश की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा हो। साल 1980 का दशक पाकिस्तान के सबसे संवेदनशील इलाकों में एक शख्स घूम रहा है। सिर पर टोपी, दाढ़ी, पठानी सूट और जुबान पर उर्दू, मस्जिदों में नमाज पढ़ता है। मदरसों में जाता है। आईएसआई के अफसरों से मिलता है। पाकिस्तानी सेना के ठिकानों के पास से गुजरता है। कोई उसे शक की नजर से नहीं देखता क्योंकि हर किसी को लगता है कि यह उन्हीं में से एक है। लेकिन यह शख्स पाकिस्तानी नहीं है। यह मुसलमान भी नहीं है। यह शख्स एक मध्यमवर्गीय हिंदू परिवार का लड़का जो भारत की खुफ़िया एजेंसी आईबी का अफसर है। इसका नाम है अजीत कुमार डोभाल और अगले 7 साल तक यह शख्स पाकिस्तान की जमीन पर दुश्मन की आंखों के सामने रहेगा। उनकी सबसे गहरी साजिशें सुनेगा। उनके सबसे बड़े राज चुराएगा और उन्हें पता तक नहीं चलेगा। यह कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *