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जेजू द्वीप जाने से पहले सावधान रहें भारतीय यात्री, दूतावास ने जारी की एडवायजरी

डेस्क: दक्षिण कोरिया की यात्रा (Trip to South korea) की योजना बना रहे भारतीय नागरिकों के लिए अहम चेतावनी जारी की गई है। भारतीय दूतावास, सियोल (Embassy of India, Seoul) ने पर्यटकों को जेजू द्वीप जाते समय सभी नियमों का कड़ाई से पालन करने और जरूरी दस्तावेज साथ रखने की सलाह दी है।

वीज़ा-फ्री होने पर भी प्रवेश की गारंटी नहीं
दूतावास ने स्पष्ट किया है कि इस द्वीप पर मिलने वाली वीज़ा-मुक्त सुविधा केवल अल्पकालिक पर्यटन के लिए है और अंतिम निर्णय इमिग्रेशन अधिकारियों का होता है। यानी, वीज़ा-फ्री एंट्री होने के बावजूद किसी यात्री को प्रवेश से रोका जा सकता है या वापस भेजा जा सकता है।

एडवायजरी में कहा गया है कि समय-समय पर भारतीय यात्रियों को प्रवेश से इनकार किए जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं, खासकर तब जब वे अपनी यात्रा का उद्देश्य या व्यवस्था स्पष्ट नहीं कर पाते।

इन दस्तावेजों का होना जरूरी
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के दौरान निम्न दस्तावेज अनिवार्य रूप से साथ रखें—
कन्फर्म रिटर्न टिकट
पूरी अवधि की होटल बुकिंग
दिन-वार यात्रा योजना (इटिनरेरी)
पर्याप्त धनराशि का प्रमाण
कम से कम 6 महीने वैध पासपोर्ट
ट्रैवल इंश्योरेंस
ठहरने के स्थान की संपर्क जानकारी
वित्तीय तैयारी और जवाब देने का तरीका भी अहम
अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों को यह साबित करने में सक्षम होना चाहिए कि उनके पास पूरे प्रवास का खर्च उठाने के लिए पर्याप्त धन है। इमिग्रेशन जांच के दौरान पूछे गए सवालों का शांत, स्पष्ट और सुसंगत जवाब देना भी बेहद जरूरी बताया गया है।

मुख्य भूमि की यात्रा इस सुविधा में शामिल नहीं
दूतावास ने यह भी बताया कि वीज़ा-फ्री योजना केवल इसी द्वीप तक सीमित है। इस सुविधा के तहत देश के मुख्य हिस्से (मेनलैंड) की यात्रा की अनुमति नहीं होती। नियमों का उल्लंघन करने या तय अवधि से अधिक रुकने पर भविष्य में यात्रा प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

प्रवेश से इनकार की स्थिति में यात्रियों को अगले उपलब्ध विमान से वापस भेज दिया जाता है और तब तक उन्हें अस्थायी हिरासत में रखा जा सकता है।

कंटेंट क्रिएटर की घटना के बाद जारी हुई चेतावनी
यह एडवायजरी हाल ही में भारतीय कंटेंट क्रिएटर सचिन अवस्थी और उनकी पत्नी के साथ हुई घटना के बाद जारी की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें पहुंचने पर करीब 38 घंटे तक हिरासत में रखा गया और बाद में महंगा वापसी टिकट लेकर लौटना पड़ा।

उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इमिग्रेशन का निर्णय अधिकारियों का अधिकार है, लेकिन यात्रियों के साथ व्यवहार सम्मानजनक होना चाहिए।

सीधे विदेश से पहुंचना अनिवार्य

दूतावास ने यात्रियों को याद दिलाया कि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए सीधे किसी विदेशी देश से द्वीप पर पहुंचना जरूरी है। यदि कोई यात्री मुख्य भूमि के रास्ते जाने की कोशिश करता है, तो उसके लिए पहले से वीज़ा होना अनिवार्य है।
सलाह: यात्रा से पहले नियमों की पूरी जानकारी लें और दस्तावेजी तैयारी मजबूत रखें, ताकि छुट्टियां परेशानी में न बदलें।

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