डेस्क:जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ जिले के एक सुदूर इलाके में रविवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादी मारे गए। अधिकारियों ने बताया कि मारे गए तीनों आतंकवादियों के शव बुरी तरह झुलस गए हैं क्योंकि वे जिस मिट्टी के मकान में छिपे हुए थे उसमें गोलीबारी के कारण आग लग गई थी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के प्रारंभिक आकलन में पता चला है कि मृतकों में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का एक कुख्यात कमांडर सैफुल्ला भी है। खबरों के मुताबिक, सैफुल्ला ने लगभग पांच साल पहले जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ किया था और तब से इस क्षेत्र में सक्रिय था। उस पर सुरक्षा बलों पर कई घातक हमलों की साजिश रचने का आरोप है। इनमें जुलाई 2024 का हमला भी शामिल है, जिसमें एक कैप्टन समेत चार जवान शहीद हो गए थे। सैफुल्ला पहले भी कई मुठभेड़ों के दौरान बच निकला था। जैश-ए-मोहम्मद का आतंकवादी सैफुल्लाह कम से कम 20 बार सुरक्षा बलों के हाथों से बच निकला था। सूत्रों ने बताया कि आतंकवादियों की गतिविधियों के बारे में पुख्ता खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन शुरू किया था। आतंकवादी पहाड़ी पर बने एक कच्चे घर में छिपे हुए थे। आतंकवादियों को मार गिराने वालों में राज्य पुलिस, सीआरपीएफ और विशेष बल शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि तीसरे आतंकवादी का शव और एक हथियार शाम को आतंकवादी के जले हुए ठिकाने से बरामद किया गया।
