अन्य

बिहार कांग्रेस में बड़ा एक्शन: छत्रपति यादव और आनंद माधव 6 साल के लिए निष्कासित

पटना | बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रदेश इकाई में चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं छत्रपति यादव और आनंद माधव को छह साल के लिए प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। दोनों पर आरोप है कि वे लगातार सार्वजनिक मंचों से प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठा रहे थे और संगठन की अनुशासन व्यवस्था को चुनौती दे रहे थे।

बिहार कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष राजेश राठौड़ ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि राज्य अनुशासन समिति ने यह फैसला दोनों नेताओं के “अवांछनीय और भ्रामक” बयानों के कारण लिया है। पार्टी का मानना है कि इन बयानों से कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी और संगठन की गरिमा को ठेस पहुंची।

छत्रपति यादव बिहार के पूर्व विधायक हैं। वे 2020 में खगड़िया विधानसभा सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे और दिग्गज नेता राजेंद्र प्रसाद यादव के बेटे हैं। 2025 के चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिला, जिसके बाद से वे प्रदेश नेतृत्व पर लगातार हमलावर रहे। उनका आरोप था कि टिकट वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती गई और चयन प्रक्रिया में पक्षपात हुआ।

आनंद माधव भी लंबे समय से संगठन से जुड़े रहे हैं। वे कांग्रेस के रिसर्च विंग के पूर्व चेयरमैन और पार्टी प्रवक्ता रह चुके हैं। चुनाव परिणाम के बाद उन्होंने भी नेतृत्व की कार्यशैली और टिकट वितरण को लेकर सवाल उठाए थे।

हालांकि, निष्कासन के बाद दोनों नेताओं ने पलटवार किया है। उनका कहना है कि जिस अनुशासन समिति ने कार्रवाई की, उसका गठन ही पार्टी संविधान के अनुरूप नहीं है। उनके मुताबिक, एआईसीसी स्तर के सदस्य को निष्कासित करने का अधिकार केवल हाईकमान के पास है।

गौरतलब है कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन केवल 19 सीटों पर जीत दर्ज कर सकी। इसके बाद से प्रदेश संगठन में असंतोष की आवाजें तेज हो गई थीं। अब इस कार्रवाई को पार्टी अनुशासन कायम रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन इससे बिहार कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और गरमाने के संकेत भी मिल रहे हैं।

आशुतोष झा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *