डेस्क:दिल्ली की एक कोर्ट ने 2021 के मंगोलपुरी मर्डर केस में एक आरोपी को रेगुलर बेल दे दी है। कोर्ट ने कहा कि वह अंडरट्रायल के तौर पर साढ़े चार साल से ज़्यादा जेल में रह चुका है और ट्रायल जल्द खत्म होने की उम्मीद नहीं है। यह ऑर्डर 13 फरवरी, 2026 को रोहिणी कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज मुनीश गर्ग ने पास किया था। बेल अर्जी पर वकील रवि द्राल ने बहस की, जबकि राज्य ने एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के ज़रिए अर्जी का विरोध किया। कोर्ट ने अपने नतीजों में कहा कि हालांकि आरोप गंभीर हैं और जानलेवा गोली लगने की घटना से जुड़े हैं, लेकिन अंडरट्रायल को कस्टडी में रखने का मकसद सिर्फ़ ट्रायल के दौरान उसकी मौजूदगी पक्का करना है, न कि उसे दोषी ठहराए जाने से पहले सज़ा देना। जज ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि किसी व्यक्ति को दोषी ठहराए जाने से पहले के स्टेज पर बेगुनाह माना जाता है। बेल देने में एक अहम वजह कस्टडी में पहले से बिताया गया समय था। कोर्ट ने दर्ज किया कि आरोपी चार साल और आठ महीने से ज़्यादा समय से ज्यूडिशियल कस्टडी में है, जबकि ट्रायल धीरे-धीरे आगे बढ़ा है।
