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T20 World Cup: सामने आई टीम इंडिया की बड़ी कमजोरी, पाकिस्तान के खिलाफ निकालना होगा हल

डेस्क: भारतीय टीम (Team India) ने आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) 2026 में लगतार दो मैच जीतकर सुपर-8 स्टेज (Super-8 Stage) के लिए मजबूती से कदम बढ़ाए हैं. सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारतीय टीम ने अपने पहले ग्रुप मुकाबले में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) को 29 रनों से हराया. फिर उसने नामीबिया पर 93 रनों से धमाकेदार जीत हासिल की. भारतीय टीम लगातार दो जीत के साथ ग्रुप-ए की अंकतालिका में पहले नंबर पर पहुंच गई है.
अब भारतीय टीम अपने तीसरे मुकाबले में 15 फरवरी (रविवार) को पाकिस्तान का सामना करेगी. भारतीय टीम की विनिंग स्ट्रीक बरकरार है, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले कुछ कमजोरियां साफ दिखाई देने लगी हैं. टीम की लोअर मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजी सबसे ज्यादा चिंता का विषय है. नामीबिया के खिलाफ मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 209/9 का स्कोर खड़ा किया.

सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने सिर्फ 24 गेंदों पर 61 रन ठोकते हुए टीम को तूफानी शुरुआत दिलाई. पावरप्ले में भारतीय बल्लेबाजों ने विपक्षी गेंदबाजों पर पूरी तरह दबाव बनाए रखा और तेजी से रन बटोरे. इसके बाद हार्दिक पांड्या ने 52 रनों की विस्फोटक पारी खेली. लेकिन आखिरी कुछ ओवरों में टीम की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई. शिवम दुबे (23 रन), रिंकू सिंह (1 रन) और अक्षर पटेल (0 रन) उम्मीदों के मुताबिक बल्ले से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके. नतीजा ये हुआ कि भारत ज्यादा बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाया.

यूएसए के खिलाफ केवल सूर्या चले

इससे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ मुकाबले में भी भारतीय टीम के लोअर मिडिल ऑर्डर की कमजोरी सामने आई थी. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने नाबाद 84 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, लेकिन मध्य और निचले क्रम के बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके. लगातार गिरते विकेटों ने टीम को और बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया. यह पैटर्न दोनों मैचों में एक जैसा रहा है.

बल्लेबाजी में कुछ कमजोरियां दिखीं, लेकिन गेंदबाजी और ऑलराउंड प्रदर्शन टीम के लिए बड़ी राहत रहा है. नई गेंद से तेज गेंदबाजों ने शुरुआती विकेट दिलाए हैं, जबकि स्पिनरों ने मध्य ओवरों में विपक्षी टीम की रन गति पर लगाम लगाई. ऑलराउंडरों की मौजूदगी ने टीम संतुलन बनाए रखा, लेकिन बल्लेबाजी क्रम में स्पष्ट जिम्मेदारी तय करने की जरूरत महसूस हो रही है.

भारत का अगला मुकाबला पाकिस्तान से है, जो हमेशा हाई प्रेशर और हाईवोल्टेज वाला मैच माना जाता है. ऐसे में टीम को अपनी लोअर मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजी पर खास ध्यान देना होगा. यदि टॉप ऑर्डर लड़खड़ा जाता है, तो निचले क्रम के बल्लेबाजों को जिम्मेदारी निभानी होगी. इसके अलावा डेथ ओवर्स में स्ट्राइक रोटेशन और बड़े शॉट्स की रणनीति पर भी काम करना जरूरी है.

लगातार दो जीत से भारत की सुपर-8 की राह लगभग साफ दिख रही है, लेकिन बड़े टूर्नामेंट में छोटी कमजोरियां भी मैचों का परिणाम बदल सकती हैं. अगर भारतीय टीम समय रहते लोअर मिडिल ऑर्डर की समस्या का हल निकाल लेती है, तो अच्छा रहेगा. फिलहाल जीत का सिलसिला जारी है, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ भारत को आसान जीत हासिल करने के लिए तीनों डिपार्टमेंट में अच्छा खेल दिखाना होगा.

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