ढाका: बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के नतीजों में बड़ा राजनीतिक बदलाव नजर आ रहा है। शुरुआती रुझानों और घोषित परिणामों के मुताबिक बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेतृत्व वाला गठबंधन स्पष्ट बढ़त बनाए हुए है और बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंचता दिख रहा है। पार्टी प्रमुख तारिक रहमान ने ढाका-17 और बोगुरा-6 सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।
गुरुवार को हुए मतदान के बाद देर रात तक चली मतगणना में बीएनपी गठबंधन को 50 प्रतिशत से अधिक वोट शेयर मिलता दिखाई दे रहा है। कई सीटों पर घोषित नतीजों में भी बीएनपी उम्मीदवारों ने बढ़त बनाई है। यदि यही रुझान अंतिम परिणामों में तब्दील होते हैं तो बीएनपी दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बना सकती है।
यह चुनाव ऐसे समय में हुआ है जब देश ने पिछले डेढ़ साल में बड़ा राजनीतिक उथल-पुथल देखा है। छात्र आंदोलनों और व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना सरकार सत्ता से बाहर हुई थी, जिसके बाद अंतरिम प्रशासन ने चुनाव कराने की जिम्मेदारी संभाली। चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और संतोषजनक बताया है, हालांकि कुछ इलाकों से हिंसा और मौतों की खबरें भी सामने आई हैं।
दूसरी ओर, अवामी लीग के नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे एकतरफा बताया है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी चुनाव को ‘नाटक’ करार देते हुए निष्पक्ष चुनाव की मांग दोहराई है। वहीं जमात-ए-इस्लामी ने कहा है कि वह आधिकारिक नतीजों को स्वीकार करेगी।
अंतिम नतीजों के साथ यह स्पष्ट हो जाएगा कि बांग्लादेश की सत्ता की बागडोर किसके हाथ में जाएगी, लेकिन फिलहाल के रुझान देश में नई राजनीतिक दिशा की ओर इशारा कर रहे है।
आशुतोष झा
